सीएम फडणवीस ने संत रविदास महाराज की 650वीं जयंती पर महाराष्ट्र में विशेष अभियान चलाने के दिए निर्देश
नवंबर 2026 से फरवरी 2027 तक चलेगा ‘हर घर संत रविदास विचार–विकसित महाराष्ट्र’ अभियान; शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक समता और जनजागरण पर रहेगा जोर

मुंबई। संत रविदास महाराज की 650वीं जयंती वर्ष के अवसर पर महाराष्ट्र में नवंबर 2026 से फरवरी 2027 तक ‘हर घर संत रविदास विचार–विकसित महाराष्ट्र’ विशेष अभियान चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अभियान को व्यापक स्तर पर लागू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि संत रविदास महाराज के मानवता, समानता, करुणा और दुखमुक्त समाज के विचार राज्य के हर वर्ग तक पहुंचाए जाएं। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है। सोमवार को सह्याद्री अतिथिगृह में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री फडणवीस ने की। बैठक में उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार, सामाजिक न्याय एवं विशेष सहायता मंत्री संजय शिरसाट, राज्यमंत्री माधुरी मिसाल, विधायक रवींद्र चव्हाण, अभियान के राज्य समन्वयक रामेश्वर नाईक और सहसमन्वयक रवींद्र राठौड़ सहित अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। वन एवं जलसंपदा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए।
सामाजिक समरसता और समानता का संदेश घर-घर पहुंचाने की पहल
मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान का उद्देश्य संत रविदास महाराज के विचारों के माध्यम से सामाजिक और वैचारिक जागरूकता बढ़ाना है। उनकी शिक्षाएं समानता, मानवता, श्रम की प्रतिष्ठा और सामाजिक न्याय पर आधारित हैं। इन विचारों को केवल आयोजनों तक सीमित न रखकर लोगों के दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का प्रयास किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अभियान समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने और सामाजिक सौहार्द तथा भाईचारे को मजबूत करने में मददगार होगा। मुख्यमंत्री ने अभियान के लिए अलग कार्यान्वयन व्यवस्था बनाने और निर्धारित कार्यक्रम समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। योजना से लेकर जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन तक नियमित समीक्षा के लिए समिति गठित करने की बात भी कही गई।
कुंभ मेले के जरिए व्यापक जनजागरण की योजना
जलसंपदा मंत्री गिरीश महाजन ने बताया कि संत रविदास महाराज की 650वीं जयंती वर्ष का राज्यस्तरीय मुख्य कार्यक्रम नासिक में आयोजित करने का प्रस्ताव है। कुंभ मेले में देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और नागरिक पहुंचते हैं। ऐसे में अभियान और संत रविदास महाराज के विचारों को व्यापक स्तर पर पहुंचाने के लिए विशेष जनजागरण गतिविधियां आयोजित करने की योजना है। उन्होंने कहा कि कुंभ मेले में आने वाले 10 करोड़ से अधिक लोगों तक कम खर्च में प्रभावी तरीके से संदेश पहुंचाने का प्रस्ताव है। सामाजिक न्याय एवं विशेष सहायता मंत्री संजय शिरसाट ने समाज के लिए उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों को एक साझा मंच पर सम्मानित करने का सुझाव दिया। वहीं, वस्त्रोद्योग मंत्री संजय सावकारे ने संत रविदास महाराज के नाम पर विशेष योजना शुरू करने की बात रखी। इसमें अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति, नए क्षेत्रों में काम करने वाले युवाओं को आर्थिक सहायता और उद्यमशीलता को प्रोत्साहन देने के उपाय शामिल करने का सुझाव दिया गया।
स्कूलों, कॉलेजों और गांवों में होंगे विविध कार्यक्रम
अभियान के तहत राज्य की 1,08,139 स्कूलों, 5,841 कॉलेजों, 65 विश्वविद्यालयों और 11,150 सार्वजनिक पुस्तकालयों को जोड़ने की योजना है। शिक्षण संस्थानों में निबंध, वक्तृत्व, प्रश्नोत्तरी, संत साहित्य वाचन, शोध और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विद्यार्थियों में सामाजिक समानता और मानवता के मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए सामाजिक सेवा गतिविधियां भी होंगी। स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रमों में मुफ्त स्वास्थ्य जांच, रक्तदान शिविर, नेत्र और दंत जांच, महिला एवं बाल स्वास्थ्य, पोषण, नशामुक्ति तथा स्वच्छता जागरूकता शामिल होगी। श्रम के महत्व को रेखांकित करने के लिए ‘श्रमवीर सम्मान’, कारीगरों के उत्पादों की प्रदर्शनी, महिला आर्थिक स्वावलंबन कार्यक्रम और युवा सेवा सप्ताह भी आयोजित किए जाएंगे।
650 गांवों में विचारसभा और वृक्षारोपण
योजना के अनुसार, राज्य के 650 गांवों में विचारसभाएं और वृक्षारोपण किया जाएगा। प्रत्येक जिले में दो प्रचार वाहनों के माध्यम से संत रविदास महाराज के विचारों का प्रचार होगा। वीडियो, पॉडकास्ट, साक्षात्कार और संवाद कार्यक्रमों से भी नागरिकों तक अभियान का संदेश पहुंचाया जाएगा। डिजिटल माध्यमों के तहत ‘डिजिटल रविदास 650’, ई-ग्रंथालय, डिजिटल प्रश्नोत्तरी और 650 प्रेरणादायी वीडियो कहानियां तैयार करने की योजना है। अभियान के तहत राज्यस्तरीय मुख्य कार्यक्रम 13 और 14 फरवरी 2027 को नासिक में प्रस्तावित है। इसमें बेगमपुरा की संकल्पना, संत संगम, सांस्कृतिक कार्यक्रम, समता महामंच, संत रविदास विरासत प्रदर्शनी, संवाद केंद्र और सामुदायिक अन्नसेवा शामिल होंगे। मुख्य कार्यक्रम के बाद ‘समाज कुंभ’ के माध्यम से विभिन्न सामाजिक और धार्मिक परंपराओं को एक मंच पर लाकर समानता, बंधुता, सामाजिक एकता और मानवता के विचारों के प्रसार की योजना भी बनाई गई है।
