गोमती का जलस्तर बढ़ने से लखनऊ के कई इलाके जलमग्न, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का CM योगी ने किया हवाई सर्वेक्षण
फैजुल्लागंज से नैमिष तक तटबंध को मंजूरी, बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री, डूबने या आकाशीय बिजली से मौत पर ₹4 लाख सहायता

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के 50 से अधिक जिलों में पिछले 10 दिनों से हुई भारी बारिश के बाद कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। राजधानी लखनऊ में गोमती नदी के बढ़ते पानी ने कई निचले इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया है। फैजुल्लागंज, मामा कॉलोनी, दाऊद नगर, मेहंदी घाट, गुलाला घाट, हयात नगर, घैला, अल्लू नगर डुगरिया और मिल्लत नगर समेत कई क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ के बक्शी का तालाब तहसील क्षेत्र के ग्राम हरदा पहुंचकर बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और राहत सामग्री वितरित की। मुख्यमंत्री ने गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण भी किया और अधिकारियों से राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी लेकर आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में सरकार प्रभावित नागरिकों के साथ मजबूती से खड़ी है और राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाए जा रहे हैं। प्रशासन को इसके लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई गई है। सरकार ने बाढ़ और बारिश से होने वाली जनहानि को लेकर भी सहायता का प्रावधान किया है। डूबने अथवा आकाशीय बिजली गिरने से किसी की मृत्यु होने पर प्रभावित परिवार को तत्काल ₹4 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
फैजुल्लागंज से नैमिष तक बनेगा तटबंध
लखनऊ में बाढ़ से स्थायी राहत की दिशा में फैजुल्लागंज से नैमिष तक तटबंध के निर्माण को स्वीकृति दी गई है। इसके लिए तत्काल धनराशि जारी कर काम आगे बढ़ाने की बात कही गई है। तटबंध को इस तरह विकसित करने की योजना है कि वह हर मौसम में उपयोगी रहे। साथ ही ग्रीन कॉरिडोर की तर्ज पर तटबंध पर आवागमन की सुविधा भी विकसित की जाएगी। बक्शी का तालाब क्षेत्र में राहत अभियान तेज किया गया है, जबकि फैजुल्लागंज में भी जनप्रतिनिधि राहत कार्यों में जुटे हैं। डीएम विशाख जी. और संयुक्त पुलिस आयुक्त बबलू कुमार ने नाव से प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। प्रशासन को गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
कमर तक पानी, घरों से निकलना हुआ मुश्किल
फैजुल्लागंज में हालात ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। कई सड़कें और गलियां पानी में डूबी हुई हैं। लोगों को जरूरी काम के लिए कमर तक पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। दुकानें बंद होने और कई वाहनों के पानी में फंसने से दैनिक जरूरत का सामान जुटाना भी मुश्किल हो गया है। बढ़ते पानी के कारण मकानों पर भी खतरा मंडरा रहा है। जलभराव के बीच एक मकान की दीवार गिरने की घटना के बाद स्थानीय लोगों में दहशत बढ़ गई। सुरक्षा को देखते हुए 12 विद्युत ट्रांसफार्मरों की बिजली बंद की गई है। वहीं, नया बना प्रेरणा स्थल भी बाढ़ के पानी में डूब गया है। कई क्षेत्रों में सड़कों पर करीब डेढ़ फीट तक पानी जमा है। मामा कॉलोनी और दाऊद नगर जलमग्न हैं, जबकि मेहंदी घाट, गुलाला घाट और हयात नगर में भी पानी भरा हुआ है। घैला और अल्लू नगर डुगरिया में बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है। मिल्लत नगर में चार दिनों से लोगों के घरों में फंसे होने की स्थिति बताई जा रही है।
अगले 24 घंटे अहम, दो फीट तक बढ़ सकता है पानी
गोमती नदी का जलस्तर अगले 24 घंटों में और बढ़ने की संभावना जताई गई है। पानी का स्तर करीब दो फीट तक बढ़ने की आशंका के मद्देनजर प्रशासन ने प्रभावित इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। जेहटा-माल रोड तक भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव अभियान में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरतने और जरूरतमंद परिवारों तक समय पर सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
