दिवाली पर विदेश भेजें घर का बना फराल, डाक विभाग ने शुरू की विशेष अंतरराष्ट्रीय पार्सल सुविधा
पैकिंग से लेकर घर से मुफ्त पिकअप तक की सुविधा, आठ देशों के लिए जारी की गई 10 किलो पार्सल की दरें

मुंबई। दिवाली के अवसर पर विदेशों में रहने वाले अपने बच्चों, रिश्तेदारों और मित्रों को घर का बना पारंपरिक फराल (व्यंजनों) भेजने वालों के लिए भारतीय डाक विभाग ने विशेष सुविधा उपलब्ध कराई है। महाराष्ट्र डाक परिमंडल ने अंतरराष्ट्रीय पार्सल सेवा के माध्यम से चकली, चिवड़ा, लड्डू, करंजी और शंकरपाले जैसे पारंपरिक दिवाली व्यंजन विदेश भेजने की व्यवस्था की है। विभाग के अनुसार, इस पहल को नागरिकों से अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। महाराष्ट्र डाक परिमंडल के मुख्य पोस्टमास्टर जनरल रामचंद्र जायभाये ने नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए विदेशों में रहने वाले परिजनों तक घर का बना फराल और उपहार भेजने के लिए डाक विभाग की अंतरराष्ट्रीय पार्सल सेवा का लाभ उठाने की अपील की है। डाक विभाग के अनुसार, 10 किलो पार्सल भेजने का शुल्क जापान के लिए 4,797 रुपये, जर्मनी के लिए 5,876 रुपये, यूनाइटेड किंगडम के लिए 6,461 रुपये, फ्रांस के लिए 6,638 रुपये, रूस के लिए 6,750 रुपये, अमेरिका के लिए 9,051 रुपये, कनाडा के लिए 9,676 रुपये और ऑस्ट्रेलिया के लिए 11,912 रुपये निर्धारित किया गया है।
महाराष्ट्र के सभी जीपीओ, मुख्य डाकघरों और चयनित डाकघरों में पार्सल पैकिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। प्रमुख डाकघरों में फराल के डिब्बों की तेजी से पैकिंग के लिए आवश्यक उपकरण लगाए गए हैं, जिससे पार्सल कुछ ही मिनटों में तैयार किया जा सकता है। व्यस्त नागरिकों के लिए पोस्टमैन के माध्यम से घर से मुफ्त पार्सल पिकअप की सुविधा भी उपलब्ध है। मुंबई क्षेत्र में इस सेवा के लिए हनुमंत चिरमे से 9870143136 और विनोद पांचाल से 8850261634 पर संपर्क किया जा सकता है। नवी मुंबई क्षेत्र के लिए प्रकाश मोरे का नंबर 9604821634 और सुंदर राव का नंबर 9619453586 है। डाक विभाग ने विदेश भेजे जाने वाले पार्सल के कस्टम्स डिक्लेरेशन फॉर्म में प्रत्येक खाद्य पदार्थ का सही विवरण और संबंधित HSN कोड दर्ज करने की सलाह दी है। यदि पार्सल में कपड़े या अन्य उपहार भी हों, तो उनका मूल्य और HSN कोड अलग-अलग दर्ज करना जरूरी है, ताकि सीमा शुल्क जांच के दौरान अनावश्यक देरी न हो। मुख्य पोस्टमास्टर जनरल रामचंद्र जायभाये ने कहा कि पोस्ट ऑफिस केवल पत्र और पार्सल भेजने का माध्यम नहीं, बल्कि दूर रहने वाले अपनों से रिश्ते जोड़ने का भरोसेमंद जरिया भी है। उन्होंने नागरिकों से इस दिवाली अंतरराष्ट्रीय पार्सल सेवा का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।
