गुना के बमोरी को सिंधिया ने दी विकास की सौगात, कॉलेज भवन-पुल और बिजली सबस्टेशन का उद्घाटन

‘सहरिया चौपाल’ में आदिवासी महिलाओं से किया संवाद; शिक्षा, बिजली और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर दिया जोर
गुना, मध्यप्रदेश। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर मध्य प्रदेश के गुना जिले के बमोरी क्षेत्र में शिक्षा, बिजली और जनसुविधाओं से जुड़े कई विकास कार्यों का उद्घाटन किया। इनमें ₹5.34 करोड़ की लागत से निर्मित नवीन डिग्री कॉलेज भवन, ₹1.90 करोड़ की लागत से गुना-उमाई-सिरसी मार्ग पर बना पुल और ₹3.08 करोड़ की लागत से मूढ़रा हनुमान में स्थापित 33/11 केवी बिजली सबस्टेशन शामिल हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिंधिया ने प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल और देश के विकास का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की भूमिका और पहचान में बदलाव आया है। उन्होंने हाल के अंतरराष्ट्रीय आयोजनों और भारत की आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए इसे केंद्र सरकार की नीतियों से जोड़ा। यह सिंधिया का राजनीतिक आकलन था। बमोरी में नए डिग्री कॉलेज भवन का जिक्र करते हुए सिंधिया ने कहा कि यह केवल एक इमारत नहीं, बल्कि क्षेत्र की लड़कियों और युवाओं के लिए उच्च शिक्षा के नए अवसर उपलब्ध कराने का माध्यम बनेगा। उनके निर्धारित दौरा कार्यक्रम में भी बमोरी के नवीन डिग्री कॉलेज भवन और मूढ़रा हनुमान 33/11 केवी सबस्टेशन के लोकार्पण के साथ ग्राम सिरसी में पुल के उद्घाटन का कार्यक्रम शामिल था। सिंधिया ने बमोरी क्षेत्र में बिजली के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मूढ़रा हनुमान में ₹3.08 करोड़ की लागत से तैयार नया 33/11 केवी सबस्टेशन क्षेत्र में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद करेगा।
सहरिया महिलाओं से किया सीधा संवाद
प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर आयोजित ‘सहरिया चौपाल’ में सिंधिया ने सहरिया आदिवासी समुदाय की महिलाओं से संवाद किया। उन्होंने केंद्र सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से मिलने वाले लाभ और महिलाओं के अनुभवों के बारे में जानकारी ली। जिला दौरे के निर्धारित कार्यक्रम में भी सिरसी में सहरिया चौपाल में उनकी भागीदारी शामिल थी। सिंधिया ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता विकास और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने आदिवासी समुदाय के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को महत्वपूर्ण बताया।
