एडी एमडीएम संजय शुक्ल ने वीडियो कॉल पर बच्चों संग मनाया जन्मदिन, एलबीडी गतिविधियों में बच्चों ने बनाए प्राकृतिक क्राउन

उन्नाव, उत्तर प्रदेश। औरास के उच्च प्राथमिक विद्यालय रामपुर गढ़ौवा में विद्यार्थियों में पर्यावरणीय चेतना, नेतृत्व क्षमता और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने के उद्देश्य से ईको क्लब का गठन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर प्रकृति, रचनात्मकता और बाल सहभागिता के अनूठे संगम का साक्षी बना।
ईको क्लब में समरीन को प्रधानमंत्री, अंकिता को कैप्टन, आस्था को शिक्षा मंत्री, ईशान एवं परी को पर्यावरण मंत्री, नंदिनी को पोषण मंत्री, पूनम एवं कोमल को संचार एवं संपर्क मंत्री, सीरत को उपस्थिति मंत्री, दीपाली को स्वास्थ्य मंत्री, मोहिनी को स्वच्छता मंत्री, राजकुमार एवं अल्फिसा को खेलकूद एवं सांस्कृतिक मंत्री तथा सगुन एवं आकाश को सुरक्षा एवं न्याय मंत्री का दायित्व सौंपा गया। एलबीडी (लर्निंग बाय डूइंग) गतिविधियों के अंतर्गत बच्चों ने फूल, पत्तियों और प्राकृतिक घास से ईको क्लब के सदस्यों के लिए आकर्षक क्राउन तैयार किए। वहीं पीपल के पत्तों पर रंग-बिरंगे फूलों का अलंकरण कर प्राकृतिक बैज बनाए गए, जिन्हें सभी विद्यार्थियों ने एक-दूसरे को पहनाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इन नवाचारी गतिविधियों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। इसके बाद विद्यार्थियों ने विद्यालय परिसर में पौधारोपण करते हुए स्वच्छ, हरित एवं प्लास्टिक मुक्त परिसर, जल संरक्षण और प्रकृति संवर्धन का सामूहिक संकल्प लिया। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण सहायक निदेशक, एमडीएम, लखनऊ मंडल एवं औरास के पूर्व बीईओ श्री संजय शुक्ल का जन्मदिन रहा। बच्चों ने वीडियो कॉल के माध्यम से उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। श्री शुक्ल ने विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा अपने जन्मदिन के अवसर पर बच्चों के लिए पार्टी की व्यवस्था कराई। उन्होंने शीघ्र विद्यालय आकर बच्चों से मिलने का भी आश्वासन दिया, जिससे विद्यार्थियों का उत्साह दोगुना हो गया।
कार्यक्रम का संचालन शिक्षक प्रदीप कुमार वर्मा, इंद्रपाल, रमनजीत कौर एवं प्रधानाध्यापिका शशि देवी के निर्देशन में संपन्न हुआ। शिक्षकों ने कहा कि ईको क्लब के माध्यम से वर्षभर पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, जल संवर्धन और प्रकृति संरक्षण से जुड़ी गतिविधियां संचालित की जाएंगी, ताकि विद्यार्थी पर्यावरण के सच्चे प्रहरी बन सकें।



