गोकुळ दूध संघ पर कब्जे की साजिश का संजय राउत का आरोप, बोले- किसानों के बहुमत का अपमान कर रही सरकार

मुंबई। कोल्हापुर के गोकुळ दूध संघ की सत्ता हाथ से जाने के बाद सत्ताधारी दल बेचैन हैं। किसानों ने सतेज पाटिल के पक्ष में अपना समर्थन दिया है, इसके बावजूद लोकतांत्रिक फैसले को दरकिनार कर चार अतिरिक्त संचालक नियुक्त करने की तैयारी की जा रही है। यह गोकुळ संघ पर कब्जा करने की साजिश है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट के नेता संजय राउत ने यह आरोप लगाया है। मीडिया से बातचीत में राउत ने कहा कि सतेज पाटिल के पैनल ने 25 में से 13 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया है। करीब साढ़े पांच लाख दूध उत्पादकों ने मतदान के जरिए अपना फैसला सुनाया है। ऐसे में अध्यक्ष पद पर सतेज पाटिल के पैनल का अधिकार होना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और चंद्रकांत पाटिल पर बहुमत का सम्मान नहीं करने का आरोप लगाया।
चार अतिरिक्त संचालकों के जरिए बहुमत बदलने का आरोप
राउत ने दावा किया कि राज्य सरकार गोकुळ के लिए नया कानून लाकर चार विशेषज्ञ संचालकों की नियुक्ति करना चाहती है, ताकि अपने पक्ष में बहुमत बनाया जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि सहकारी संस्थाओं पर नियंत्रण स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। राउत ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि किसानों की सहकारी संस्था पर कब्जा करने की कोशिश हुई तो राज्य के सभी विपक्षी दल एकजुट होकर इसका विरोध करेंगे। राउत ने बहुमत के फैसले की अनदेखी को लोकतंत्र और संविधान का अपमान बताया।
किसानों को पांच हजार रुपये की मदद पर भी निशाना
संजय राउत ने किसानों को दी जा रही पांच हजार रुपये की आर्थिक सहायता को अपर्याप्त बताते हुए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि महंगाई के दौर में यह राशि बहुत कम है। मुख्यमंत्री और उनके मंत्रियों के रहन-सहन का जिक्र करते हुए राउत ने कहा कि सरकार को किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता पक्ष को सवालों से नाराज होने के बजाय उनका जवाब देना चाहिए। विपक्ष जनता और किसानों के मुद्दे उठाता रहेगा।
