500 करोड़ रुपये की कथित ऑडियो क्लिप की जांच तेज, मनोज जरांगे पाटिल बोले- जांच समिति को देंगे क्लिप का स्रोत

मुंबई। मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल द्वारा सामने लाई गई कथित ऑडियो क्लिप की जांच शुरू हो गई है। इस क्लिप में दावा किया गया था कि भाजपा की ओर से उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को 500 करोड़ रुपये दिए गए, ताकि यह रकम जरांगे पाटिल तक पहुंचाई जा सके। इसमें सांसद श्रीकांत शिंदे के माध्यम से पैसे देने की बात भी कही गई थी। हालांकि, इन आरोपों की अभी पुष्टि नहीं हुई है। जरांगे पाटिल ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह ऑडियो क्लिप सुनाई थी, जिसके बाद महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल मच गई। भाजपा के कुछ नेताओं ने इसे एआई से तैयार किया गया फर्जी ऑडियो बताया था। वहीं, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि उन्होंने न किसी से पैसे लिए हैं और न ही किसी को दिए हैं।
फडणवीस ने गठित की थी एसआईटी
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ऑडियो क्लिप की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने के निर्देश दिए थे। अब जांच समिति ने जरांगे पाटिल से संपर्क कर उन्हें पत्र भेजा है और ऑडियो क्लिप उपलब्ध कराने की मांग की है।
क्लिप का स्रोत बताने को तैयार जरांगे
जरांगे पाटिल ने कहा कि जांच समिति जो भी जानकारी और दस्तावेज मांगेगी, वे उपलब्ध कराएंगे। ऑडियो क्लिप जांच एजेंसी को देने के साथ उसका स्रोत भी बताने के लिए तैयार हैं। हालांकि, उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मांग की है कि पत्रकारों के सामने यह भरोसा दिया जाए कि क्लिप उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति की जान को कोई खतरा नहीं होगा। अब इस मामले में एसआईटी की जांच और कथित ऑडियो क्लिप की प्रामाणिकता पर सबकी नजरें टिकी हैं।
