
शैक्षणिक योग्यता और कौशल के आधार पर रोजगार से जोड़ने की पहल, कॉलेजों से आगे आने की अपील
मुंबई। महाराष्ट्र के युवक-युवतियों को उनकी शैक्षणिक योग्यता, कौशल और क्षमता के अनुसार रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 29 सितंबर 2026 को राज्यभर में ‘रोजगार महाकुंभ’ आयोजित किया जाएगा। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांतदादा पाटील ने राज्य के कॉलेजों से इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने और विद्यार्थियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए आगे आने की अपील की है। मंत्रालय में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांतदादा पाटील की अध्यक्षता में कॉलेजों में ‘रोजगार महाकुंभ महाराष्ट्र’ आयोजित करने को लेकर बैठक हुई। इस दौरान कौशल विकास, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार मंत्री मंगलप्रभात लोढा सहित संबंधित विभागों के सचिव और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। चंद्रकांतदादा पाटील ने कहा कि राज्य के विद्यार्थियों को केवल डिग्री देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें रोजगार के लिए आवश्यक व्यावहारिक और उद्योग आधारित कौशल से भी लैस करना जरूरी है। उद्योगों की जरूरतों और विद्यार्थियों के कौशल के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने के लिए कॉलेजों को कंपनियों, उद्योगों और उद्यमियों के साथ समन्वय बढ़ाना चाहिए।उन्होंने कहा कि इसी समन्वय के माध्यम से बड़े पैमाने पर रोजगार मेलों और ‘रोजगार महाकुंभ’ का आयोजन किया जाना चाहिए। इससे युवाओं को पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी की तलाश में भटकने के बजाय सीधे कंपनियों और नियोक्ताओं से जुड़ने का अवसर मिलेगा। ‘रोजगार महाकुंभ’ में एक ही स्थान पर विभिन्न कंपनियों और उद्योगों को लाकर युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की योजना है। इसमें अभ्यर्थियों को सीधे इंटरव्यू देने का मौका मिलेगा। इससे उनका समय बचने के साथ उनकी योग्यता और कौशल के अनुरूप रोजगार मिलने की संभावना भी बढ़ेगी। मंत्री पाटील ने कॉलेजों से कहा कि वे अपने आसपास मौजूद उद्योगों की जरूरतों का अध्ययन करें और उसी के अनुरूप विद्यार्थियों के लिए कौशल प्रशिक्षण, करियर मार्गदर्शन तथा रोजगार मेलों का नियमित आयोजन करें। शिक्षा पूरी करने के बाद युवाओं को रोजगार अथवा स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध हों, इसके लिए शिक्षण संस्थानों और उद्योग जगत को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि ‘रोजगार महाकुंभ’ राज्य के युवाओं को रोजगार की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बन सकता है। इसलिए अधिक से अधिक कॉलेजों को इसमें भाग लेकर विद्यार्थियों के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करने चाहिए।

