अधिकारियों पर हमलों को सरकार ने माना गंभीर, ड्रोन से होगी निगरानी

मुंबई। राज्य में अवैध रेत खनन और परिवहन के खिलाफ कार्रवाई के दौरान राजस्व अधिकारियों पर हो रहे हमलों को गंभीर मानते हुए सरकार ने सख्त कदम उठाने की घोषणा की है। बुधवार को राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने विधानसभा में प्रश्नोत्तर काल के दौरान बताया कि अब राजस्व और पुलिस विभाग संयुक्त रूप से अभियान चलाएंगे तथा कार्रवाई के समय अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। इसके लिए एक संयुक्त टास्क फोर्स का गठन कर दिया गया है। यह मुद्दा विधायक समाधान अवताड़े ने सदन में उठाया था। चर्चा में अभिजीत पाटिल और किशोर पाटिल ने भी भाग लिया।
सोलापुर में 66 मामले दर्ज, 12.41 करोड़ का जुर्माना
सोलापुर जिले में अवैध खनन खनिज उत्खनन और परिवहन के मामलों पर जानकारी देते हुए मंत्री ने बताया कि तालुका स्तर पर गश्ती दलों की नियुक्ति कर प्रभावी कार्रवाई की गई है। अब तक 66 मामलों में प्राथमिकी दर्ज की गई है और कुल 12.41 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया है। इसके अलावा एमपीडीए एक्ट के तहत 16 लोगों पर कार्रवाई की गई है। अवैध खनन के दौरान सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों पर हमले के 10 मामले सामने आए हैं, जिनमें एजेंसियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। मंत्री बावनकुळे ने बताया कि रेत नीति का मसौदा सार्वजनिक डोमेन में जारी किया गया था और जिन समूहों ने अनुमति के लिए आवेदन किया था, उन्हें नियमों के तहत राजस्व और पर्यावरण विभाग द्वारा अपनाया गया है। आगे से अवैध उत्खनन पर नजर रखने के लिए ड्रोन के माध्यम से सर्वे किया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अवैध रेत कारोबार पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी और कार्रवाई करने वाले अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।




