मध्य रेलवे की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल: कांजुरमार्ग रिले रूम की आग ने खोली मेंटेनेंस की पोल, लाखों यात्रियों की फजीहत

सिग्नल व्यवस्था बाधित होने से लोकल सेवाओं पर असर, भीड़ और अव्यवस्था के बीच यात्रियों को उठानी पड़ी परेशानी

मुंबई। मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली मध्य रेलवे की लोकल सेवाएं सोमवार सुबह कांजुरमार्ग रेलवे स्टेशन के पास सिग्नल एवं दूरसंचार (एसएंडटी) विभाग के रिले रूम में आग लगने से प्रभावित हुईं। सप्ताह के पहले कार्यदिवस पर हुई इस घटना ने हजारों यात्रियों की यात्रा को मुश्किल बना दिया। कार्यालय जाने वाले यात्रियों को देरी और भीड़ का सामना करना पड़ा। घटना के बाद रेलवे की तकनीकी व्यवस्था, उपकरणों के रखरखाव और आपात स्थिति में वैकल्पिक इंतजामों को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
मेंटेनेंस व्यवस्था पर सवाल, आग के कारणों की जांच जरूरी
रिले रूम रेलवे की सिग्नलिंग प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। यहां आग लगने या उपकरणों के क्षतिग्रस्त होने से सिग्नल व्यवस्था और ट्रेन संचालन प्रभावित हो सकता है। शुरुआती स्तर पर शॉर्ट सर्किट या उपकरणों के अत्यधिक गर्म होने जैसी संभावनाएं जताई जा सकती हैं, लेकिन आग लगने का वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। इस घटना ने संवेदनशील तकनीकी उपकरणों के नियमित रखरखाव, वायरिंग की जांच और सुरक्षा मानकों के पालन की अहमियत को फिर सामने ला दिया है। रेलवे प्रशासन को यह स्पष्ट करना चाहिए कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और क्या नियमित निरीक्षण के दौरान किसी संभावित तकनीकी खराबी के संकेत मिले थे। साथ ही, जांच में यदि रखरखाव संबंधी कोई कमी सामने आती है, तो उसके लिए जिम्मेदारी तय कर सुधारात्मक कदम उठाए जाने चाहिए।
लोकल सेवाएं प्रभावित, यात्रियों को भीड़ और देरी से जूझना पड़ा
सुबह के व्यस्त समय में रेल सेवाएं बाधित होने से यात्रियों की परेशानी बढ़ गई। लोकल ट्रेनों में भारी भीड़ के बीच फंसे यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में देरी का सामना करना पड़ा। ऐसी परिस्थितियों में ट्रेनें लंबे समय तक रुकी रहने पर कुछ यात्री पटरियों पर उतरकर पैदल चलने का जोखिम उठाते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। रेलवे प्रशासन को ऐसी स्थिति में यात्रियों की सुरक्षित निकासी, वैकल्पिक परिवहन और स्टेशनों पर भीड़ नियंत्रण की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। यात्रियों को यह भी बताया जाना जरूरी है कि ट्रेन सेवाएं कब तक बहाल होने की संभावना है और आगे की यात्रा के लिए कौन से विकल्प उपलब्ध हैं।
रखरखाव के लिए मेगा ब्लॉक
खास बात यह है कि रविवार को ही मध्य रेलवे ने रखरखाव कार्यों के लिए मेगा ब्लॉक लिया था। इसके अगले ही दिन इतनी बड़ी तकनीकी समस्या सामने आने से यात्रियों में नाराजगी बढ़ गई है। लोगों का सवाल है कि नियमित मेंटेनेंस के बावजूद रेलवे ऐसी स्थितियों को रोकने में क्यों नाकाम रहा। यात्री विजय कुमार ने कहा कि मध्य रेलवे प्रशासन को कांजुरमार्ग रिले रूम में आग लगने की घटना की विस्तृत जांच कराकर सिग्नलिंग उपकरणों के रखरखाव, सुरक्षा प्रोटोकॉल, वैकल्पिक परिचालन व्यवस्था और यात्री सूचना प्रणाली की समीक्षा करनी चाहिए। मध्य रेलवे के महाप्रबंधक राजीव श्रीवास्तव से अपेक्षा है कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं के कारण यात्रियों को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

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