
मुंबई। कांग्रेस के सीनियर नेता और महाएराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने को लेकर गंभीर चिंता जताते हुए एक बयान दिया है, जिसने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। मंगलवार को मीडिया से बातचीत में चव्हाण ने अमेरिकी कार्रवाई का हवाला देते हुए सवाल किया कि क्या भारत को भी वेनेजुएला जैसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का संदर्भ देते हुए पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा- आगे क्या होगा? क्या मिस्टर ट्रंप हमारे प्रधानमंत्री को भी किडनैप कर लेंगे? उनका कहना था कि 50 प्रतिशत टैरिफ का मतलब है कि भारत-अमेरिका के बीच व्यापार को व्यावहारिक रूप से असंभव बना देना। चव्हाण ने कहा कि इतने ऊंचे टैरिफ के साथ व्यापार करना कमर्शियली मुमकिन नहीं रह जाता।
“असल में यह भारत-अमेरिका व्यापार को रोकने जैसा है, खासकर भारत से अमेरिका को होने वाले निर्यात को। क्योंकि सीधा प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता, इसलिए टैरिफ को एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। इसका खामियाजा भारत को भुगतना पड़ेगा। हमारे निर्यातकों को जो मुनाफा पहले अमेरिका से मिल रहा था, वह अब नहीं मिलेगा। पृथ्वीराज चव्हाण के इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा एतराज़ जताया है। बीजेपी नेता प्रदीप भंडारी ने उनकी टिप्पणियों की निंदा करते हुए कांग्रेस पर “भारत विरोधी मानसिकता” का आरोप लगाया। भंडारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि कांग्रेस हर दिन एक नई नीचता पर उतर रही है और देश के खिलाफ बयानबाजी कर रही है। चव्हाण का बयान ऐसे समय आया है, जब वेनेजुएला में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हाल ही में अमेरिकी सेना ने राजधानी कराकस में कार्रवाई करते हुए राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लिया और उन्हें न्यूयॉर्क ले जाया गया। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने मादुरो पर बड़े पैमाने पर ड्रग तस्करी और अमेरिका में नशीले पदार्थों की आपूर्ति में शामिल होने के आरोप लगाए हैं। अमेरिका ने मादुरो सरकार को “भ्रष्ट और अवैध” करार दिया है। मादुरो की गिरफ्तारी के बाद उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में पदभार संभाला। सीएनएन के अनुसार, रोड्रिग्ज ने कहा कि राष्ट्रपति और फर्स्ट लेडी की “किडनैपिंग” के बाद उन्होंने भारी मन से यह जिम्मेदारी संभाली है। इस घटनाक्रम के बाद कराकस की सड़कों पर मादुरो समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया और अमेरिकी कार्रवाई के खिलाफ नारेबाज़ी की। भारत पर लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ और उसे वेनेजुएला संकट से जोड़कर देखे जाने पर अब राजनीतिक बहस तेज हो गई है। एक ओर कांग्रेस इसे भारत की अर्थव्यवस्था और संप्रभुता से जुड़ा गंभीर मुद्दा बता रही है, वहीं बीजेपी इसे गैर-जिम्मेदाराना और देश की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला बयान करार दे रही है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी बयानबाज़ी और तेज़ होने के आसार हैं।




