
कोकिंग कोल उत्पादन बढ़ाने, आधुनिक खनन तकनीक और सुरक्षित पुनर्वास पर जोर
धनबाद, झारखंड। प्रधानमंत्री के सलाहकार तरुण कपूर ने 31 अगस्त से 1 सितंबर तक धनबाद की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा के पहले दिन भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) की प्रमुख परियोजनाओं और परिचालन गतिविधियों की समीक्षा की। कोयला भवन स्थित बीसीसीएल मुख्यालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में कोयला उत्पादन, खदानों की क्षमता, आधुनिक तकनीक, सुरक्षा व्यवस्था, वाशरी विस्तार और वर्ष 2030-31 तक की भावी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। तरुण कपूर ने देश की कोकिंग कोल जरूरतों को पूरा करने में बीसीसीएल की रणनीतिक भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए उपलब्ध संसाधनों के वैज्ञानिक और अधिकतम उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ परिचालन दक्षता में सुधार जरूरी है, ताकि कंपनी का सतत विकास और लाभप्रदता सुनिश्चित की जा सके। बैठक में कोल इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष बी. साईराम, बीसीसीएल के मुख्य प्रबंधक मनोज कुमार अग्रवाल, वस्त्र मंत्रालय की संयुक्त सचिव अलकनंदा दयाल, कोयला मंत्रालय के परियोजना सलाहकार आलोक कुमार सिंह सहित रेलवे और बीसीसीएल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में बीसीसीएल के मुख्य प्रबंधक मनोज कुमार अग्रवाल ने कंपनी की प्रमुख उपलब्धियों, परिचालन गतिविधियों, चुनौतियों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। निदेशक (तकनीकी/संचालन) संजय कुमार सिंह ने कंपनी के परिचालन प्रदर्शन और रणनीतिक योजनाओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी। समीक्षा के दौरान पिछले पांच वर्षों में भूमिगत और ओपनकास्ट खदानों के प्रदर्शन, कोयला उत्पादन एवं निकासी, कोयला भंडार और ओवरबर्डन रिमूवल की स्थिति पर चर्चा की गई। इसके साथ ही अगले पांच वर्षों की उत्पादन क्षमता और वर्ष 2030-31 तक निर्धारित उत्पादन लक्ष्यों की भी समीक्षा की गई। बीसीसीएल की खदानों में इस्तेमाल की जा रही लॉन्गवॉल और हाईवॉल माइनिंग तकनीकों के साथ सरफेस माइनर्स तथा कंटीन्यूअस माइनर्स जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग बढ़ाने की योजनाओं पर भी विचार किया गया। झरिया कोयला क्षेत्र में ओपनकास्ट ब्लॉकों के पुनर्गठन और एमडीओ तथा राजस्व साझाकरण मॉडल के माध्यम से बंद पड़ी खदानों के पुनर्विकास की योजनाओं की भी समीक्षा हुई। वाशरियों की मौजूदा क्षमता, उनके विस्तार और कोयले की गुणवत्ता में सुधार के लिए उठाए जा रहे कदमों पर अधिकारियों ने जानकारी दी। कपूर ने बीसीसीएल के एरिया जनरल मैनेजरों के साथ बातचीत कर परिचालन और प्रशासनिक स्तर पर आ रही प्रमुख समस्याओं को भी समझा। उन्होंने समस्याओं के मूल कारणों और उनके समाधान के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी ली। उच्चस्तरीय बैठक के बाद कपूर ने मूनिडीह स्थित कोल बेड मीथेन (CBM) ब्लॉक-I परियोजना का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने उन्हें सीबीएम गैस निकालने की तकनीक, परियोजना की प्रगति और भविष्य की कार्ययोजना के बारे में जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने मूनिडीह XVI सीम लॉन्गवॉल परियोजना का निरीक्षण किया और मशीनीकृत भूमिगत खनन गतिविधियों का जायजा लिया। इस दौरान सुरक्षित और टिकाऊ खनन तकनीकों के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाले कोकिंग कोल की स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। तरुण कपूर ने कुसुंडा क्षेत्र स्थित ईएनए फायर प्रोजेक्ट का भी दौरा किया। यहां उन्होंने आग पर नियंत्रण के उपायों, सुरक्षा व्यवस्था, वैज्ञानिक तरीके से आग की पहचान, थर्मल एवं उपग्रह आधारित निगरानी तथा प्रभावित क्षेत्रों के चरणबद्ध पुनर्वास की प्रगति की समीक्षा की। कुसुंडा दौरे के दौरान कपूर ने उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों से भी बातचीत की और उनकी सुरक्षा तथा पुनर्वास से जुड़ी समस्याओं को जाना। दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन 1 सितंबर को तरुण कपूर का बेलगरिया और करमाटांड पुनर्वास स्थलों का निरीक्षण करने तथा संबंधित पक्षों के साथ संशोधित झरिया मास्टर प्लान से जुड़े मुद्दों की समीक्षा करने का कार्यक्रम है।

