तकनीकी क्षेत्र में सफलता के लिए व्यावहारिक कौशल और निरंतर सीखना जरूरी: मधुबाला सिंह

बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के सीएसई विभाग में एलुमनी टॉक का आयोजन, पूर्व छात्रा ने साझा किए उद्योग जगत के अनुभव

झाँसी, उत्तर प्रदेश। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झाँसी के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (सीएसई) विभाग में शनिवार को एलुमनी टॉक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभाग की पूर्व छात्रा एवं पुणे स्थित मोबिकोड (Mobikode) कंपनी में कार्यरत मधुबाला सिंह ने विद्यार्थियों के साथ अपने शैक्षणिक अनुभव और व्यावसायिक यात्रा साझा की। उन्होंने तकनीकी क्षेत्र में रोजगार की संभावनाओं, उद्योग की बदलती आवश्यकताओं और सफल करियर निर्माण के लिए आवश्यक कौशल के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
सीएसई विभाग के वर्ष 2021–25 बैच की पूर्व छात्रा मधुबाला सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में तेजी से बदलाव हो रहे हैं। ऐसे में केवल शैक्षणिक ज्ञान के आधार पर सफलता प्राप्त करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को व्यावहारिक दक्षता, तकनीकी कौशल और निरंतर नई चीजें सीखने की आदत विकसित करनी होगी। उन्होंने कहा कि आईटी उद्योग में रोजगार के अवसरों के साथ प्रतिस्पर्धा भी बढ़ रही है। इसलिए विद्यार्थियों को अपने अध्ययनकाल से ही उद्योग की अपेक्षाओं को समझते हुए स्वयं को तैयार करना चाहिए। तकनीकी ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ना और बदलती परिस्थितियों के अनुरूप अपनी क्षमताओं को विकसित करना सफल करियर की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। मधुबाला सिंह ने अपने विद्यार्थी जीवन से लेकर पेशेवर क्षेत्र तक के अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों को स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि निरंतर सीखने की प्रवृत्ति और नई तकनीकों के प्रति रुचि विद्यार्थियों को रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त करने में सहायक हो सकती है। इस अवसर पर विभाग की समन्वयक डॉ. प्रियंका पांडे ने कहा कि विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र वर्तमान विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन का महत्वपूर्ण स्रोत हैं। पूर्व छात्रों के अनुभवों से विद्यार्थियों को यह समझने में सहायता मिलती है कि शिक्षा प्राप्त करने के बाद उद्योग जगत में किस प्रकार की चुनौतियों और अवसरों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि एलुमनी टॉक जैसे कार्यक्रम शिक्षा और उद्योग जगत के बीच संबंध मजबूत करने का प्रभावी माध्यम हैं। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों को करियर की वास्तविक परिस्थितियों को समझने तथा अपनी शैक्षणिक और व्यावसायिक तैयारी को बेहतर बनाने का अवसर मिलता है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने मधुबाला सिंह की शैक्षणिक एवं व्यावसायिक यात्रा से प्रेरणा प्राप्त की। आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ व्यावहारिक कौशल विकसित करने और अपने भविष्य के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने के प्रति प्रोत्साहित करना रहा। इस अवसर पर विभाग की समन्वयक डॉ. प्रियंका पांडे, डॉ. सादिक खान, इंजीनियर अनुराग कुमार, इंजीनियर अखिलेश कुमार, इंजीनियर मनोज वर्मा तथा एलुमनी कोऑर्डिनेटर इंजीनियर विजय कुमार वर्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को आईटी उद्योग की कार्यप्रणाली और बदलती तकनीकी आवश्यकताओं को समझने के साथ अपने करियर की बेहतर योजना बनाने का अवसर प्रदान किया।

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