
मुंबई। महाराष्ट्र में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए कुशल नर्सों की उपलब्धता बढ़ाने और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को कम फीस में गुणवत्तापूर्ण नर्सिंग शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने नर्सिंग शिक्षा के व्यापक विस्तार का फैसला किया है। चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ ने विधानसभा में इसकी जानकारी दी। बुधवार को मंत्री मुश्रीफ ने बताया कि राज्य मंत्रिमंडल के निर्णय के अनुसार मुंबई के जी.टी. और सेंट जॉर्जेस, धुले, सोलापुर, अंबाजोगाई (बीड), अकोला, नागपुर के आईजीएमसी और सांगली स्थित आठ सरकारी जीएनएम कॉलेजों का उन्नयन किया जाएगा। इन संस्थानों में 100-100 सीटों की प्रवेश क्षमता वाले सरकारी बीएससी नर्सिंग कॉलेज शुरू किए जाएंगे। इसके अलावा मुंबई के जे.जे., नागपुर, छत्रपति संभाजीनगर, पुणे और नांदेड स्थित पांच मौजूदा सरकारी बीएससी नर्सिंग कॉलेजों की प्रवेश क्षमता 50 से बढ़ाकर 100 सीट की जाएगी। इस फैसले से अधिक विद्यार्थियों को सरकारी संस्थानों में कम फीस पर नर्सिंग शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
राज्य सरकार ने चंद्रपुर, सिंधुदुर्ग, यवतमाल, अलीबाग, रत्नागिरी, अमरावती, धाराशिव, गडचिरोली, पालघर और अहिल्यानगर में 10 नए सरकारी बीएससी नर्सिंग कॉलेज स्थापित करने का भी निर्णय लिया है। वहीं, ठाणे, सातारा, नासिक, जालना, बुलढाणा, परभणी, हिंगोली, वाशिम, वर्धा और भंडारा जिलों में भी सरकारी बीएससी नर्सिंग कॉलेज शुरू करने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा। मंत्री हसन मुश्रीफ ने बताया कि इस पूरी परियोजना के लिए 491.91 करोड़ रुपये के गैर-आवर्ती खर्च और 12.58 करोड़ रुपये के वार्षिक आवर्ती खर्च को मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि सरकार के इस फैसले से महाराष्ट्र में नर्सिंग शिक्षा की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इससे बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को सरकारी संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण नर्सिंग शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। साथ ही प्रशिक्षित नर्सों की उपलब्धता बढ़ने से राज्य की सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सक्षम, गुणवत्तापूर्ण और नागरिक केंद्रित बनाने में मदद मिलेगी।



