‘उडुपी स्वाद रेस्टोरेंट’ को हाई कोर्ट से राहत नहीं, FDA के लाइसेंस निलंबन पर सुनवाई से इनकार

पनीर के नमूने में ‘फॉरेन फैट’ मिलने के बाद FDA ने किया था लाइसेंस निलंबित; कोर्ट ने खाद्य सुरक्षा आयुक्त के समक्ष अपील करने का दिया निर्देश


मुंबई/ठाणे। पनीर के नाम पर कथित तौर पर ‘चीज एनालॉग’ का इस्तेमाल कर ग्राहकों को खाद्य पदार्थ परोसने के मामले में ठाणे के उडुपी स्वाद रेस्टोरेंट को बॉम्बे हाई कोर्ट से राहत नहीं मिली है। बुधवार को महाराष्ट्र अन्न एवं औषधि प्रशासन (FDA) के मिली जानकारी के अनुसार हाई कोर्ट ने रेस्टोरेंट के खाद्य लाइसेंस के तत्काल निलंबन से जुड़े मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए संचालक को खाद्य सुरक्षा आयुक्त के समक्ष अपील करने का निर्देश दिया है। FDA के अनुसार, ठाणे के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने रेस्टोरेंट से जांच के लिए खुले पनीर (Loose Paneer) का नमूना लिया था। सरकारी प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट में पनीर में दुग्धजन्य वसा के स्थान पर बाहरी वसा (Foreign Fat) पाए जाने की बात सामने आई। प्रशासन के मुताबिक, जांच रिपोर्ट के आधार पर नमूने को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत ‘असुरक्षित (Unsafe)’ घोषित किया गया। FDA का दावा है कि आगे की जांच में संबंधित रेस्टोरेंट द्वारा पनीर के नाम पर ‘चीज एनालॉग’ खरीदे जाने और ग्राहकों को इसकी जानकारी दिए बिना उससे पनीर के नाम वाले खाद्य पदार्थ तैयार कर बेचे जाने की बात सामने आई। संभावित सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिम को देखते हुए सहायक आयुक्त एवं पदनिर्देशित अधिकारी, ठाणे ने प्रतिष्ठान का खाद्य लाइसेंस तत्काल निलंबित करने का आदेश जारी किया था। रेस्टोरेंट संचालक ने FDA के इस आदेश को चुनौती देते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट में रिट याचिका (L) संख्या 29022/2026 दाखिल की। FDA की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, 21 अगस्त को हुई सुनवाई में भी अदालत ने लाइसेंस निलंबन के खिलाफ अंतरिम राहत देने से इनकार किया था। इसके बाद 16 सितंबर 2026 को हुई सुनवाई में FDA ने हलफनामे के माध्यम से अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखा। प्रशासन ने कहा कि नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा शासन का महत्वपूर्ण दायित्व है और खाद्य सुरक्षा कानून के प्रावधान सक्षम प्राधिकारी को जनहित में तत्काल लाइसेंस निलंबित करने का अधिकार देते हैं। FDA के मुताबिक, अदालत ने रेस्टोरेंट संचालक को लाइसेंस निलंबन के खिलाफ उपलब्ध वैधानिक उपाय अपनाते हुए खाद्य सुरक्षा आयुक्त के समक्ष अपील करने का निर्देश दिया। प्रशासन ने होटल और खाद्य कारोबारियों को चेतावनी दी है कि ग्राहकों को स्पष्ट जानकारी दिए बिना पनीर अथवा अन्य दुग्ध उत्पादों के नाम पर कृत्रिम या एनालॉग उत्पादों का इस्तेमाल न किया जाए। FDA ने कहा कि खाद्य सुरक्षा से समझौता और उपभोक्ताओं को गुमराह करने के मामले सामने आने पर कानून के तहत लाइसेंस निलंबन अथवा रद्द करने, प्रतिष्ठान बंद कराने और आवश्यकतानुसार अभियोजन जैसी कार्रवाई की जा सकती है।

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