
मुंबई। मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच यूनिट-3 ने साइबर फ्रॉड से जुड़े एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों ने कई शेल कंपनियों के नाम पर 55 बैंक खाते खुलवाए थे, जिनका उपयोग करोड़ों रुपये के साइबर ठगी से प्राप्त धन को इधर-उधर ट्रांसफर करने के लिए किया जा रहा था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नागपाड़ा, मदनपुरा निवासी शाकिब नवाज शोरत अली खान (46) और ठाणे जिले के भिवंडी निवासी ज़मीर अहमद मोहम्मद जावेद अंसारी (42) के रूप में हुई है। यह कार्रवाई एक दर्ज एफआईआर के सिलसिले में की गई। क्राइम ब्रांच यूनिट-3 को पुख्ता सूचना मिली थी कि कुछ लोगों ने फर्जी कंपनियां बनाकर उनके नाम पर बैंक खाते खोले हैं, जिनका उपयोग साइबर फ्रॉड से मिले पैसे को ट्रांसफर करने में किया जा रहा है। सूचना के आधार पर 25 फरवरी 2026 को दक्षिण मुंबई के मांडवी इलाके स्थित मस्जिद बंदर क्षेत्र में एक कार्यालय पर छापा मारा गया। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपियों ने अन्य वांछित व्यक्तियों के साथ मिलकर अलग-अलग लोगों के आधार और पैन कार्ड विवरण का दुरुपयोग करते हुए नौ कंपनियां बनाई थीं। इसके बाद इन कंपनियों के नाम पर 55 बैंक खाते खोले गए, जिनके माध्यम से ऑनलाइन फ्रॉड से प्राप्त धनराशि का लेन-देन किया जा रहा था।
इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और नकदी जब्त
छापेमारी के दौरान पुलिस ने 10 मोबाइल फोन, तीन लैपटॉप, दो पेन ड्राइव, विभिन्न बैंकों की चेक बुक और 1,03,880 रुपए नकद बरामद किए। जब्त की गई सामग्री की कुल कीमत लगभग 2,35,880 रुपए बताई गई है। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि इन बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर फ्रॉड से जुड़े करोड़ों रुपये के वित्तीय लेन-देन को सुगम बनाने के लिए किया जा रहा था। पुलिस को आशंका है कि इस रैकेट में अन्य लोग भी शामिल हैं। फिलहाल क्राइम ब्रांच मनी ट्रेल का पता लगाने और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।




