
विवेक भीमनवार बोले- पेपर लीक जनवरी में हुआ, मैंने मार्च में संभाला कार्यभार; आरोपों का आकलन तथ्यों और सबूतों के आधार पर हो
मुंबई। महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) की औषध निरीक्षक (ड्रग इंस्पेक्टर) परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर उठ रहे सवालों और इस्तीफे की मांग के बीच आयोग के अध्यक्ष विवेक भीमनवार ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्र लीक की घटना जनवरी 2026 की है, जबकि उन्होंने 18 फरवरी 2026 को MPSC अध्यक्ष पद की शपथ ली और 3 मार्च 2026 को वास्तविक रूप से कार्यभार संभाला। ऐसे में आरोप लगाते समय घटनाक्रम और तथ्यों को ध्यान में रखा जाना चाहिए। भीमनवार ने जारी बयान में कहा कि ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले को आयोग ने गंभीरता से लिया है और इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने और परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा मजबूत करने के लिए आयोग ने आंतरिक उच्चस्तरीय समिति गठित की है। इसके अलावा पूरी परीक्षा प्रक्रिया में आवश्यक सुधार सुझाने के लिए राज्य सरकार ने भी एक स्वतंत्र उच्चस्तरीय समिति बनाई है। उन्होंने कहा कि MPSC अध्यक्ष का कार्यभार संभालने के बाद उनका पूरा ध्यान आयोग की परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता, पारदर्शिता, कार्यक्षमता और सुरक्षा को मजबूत करने पर है। आयोग को मिली अतिरिक्त भर्ती जिम्मेदारियों को देखते हुए परीक्षा एवं चयन प्रक्रिया को अधिक सक्षम और सुरक्षित बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुधार शुरू किए गए हैं। भीमनवार ने कहा, “आयोग की उच्च परंपरा, निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखना तथा लाखों उम्मीदवारों को न्यायसंगत और समान अवसर उपलब्ध कराना मेरी संवैधानिक जिम्मेदारी है। इस जिम्मेदारी को पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और ईमानदारी से निभाने के लिए मैं प्रतिबद्ध हूं।” उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परीक्षाओं को लेकर जनप्रतिनिधियों, उम्मीदवारों और नागरिकों को सवाल उठाने तथा अपनी चिंताएं व्यक्त करने का पूरा अधिकार है और लोकतांत्रिक व्यवस्था में ऐसे सवालों का स्वागत किया जाना चाहिए। हालांकि किसी भी गंभीर आरोप का मूल्यांकन तथ्यों, आधिकारिक रिकॉर्ड और उपलब्ध सबूतों के आधार पर ही होना चाहिए। MPSC अध्यक्ष ने अपील की कि सार्वजनिक भर्ती प्रक्रियाओं से लाखों युवाओं का भविष्य जुड़ा होता है, इसलिए ऐसे संवेदनशील मामलों को व्यक्तिगत आरोपों या राजनीतिक विवाद का रूप देने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि आयोग परीक्षा और भर्ती व्यवस्था की निष्पक्षता तथा उम्मीदवारों के विश्वास को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

