
मुंबई। महाराष्ट्र में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से अलिबाग, नंदुरबार, गोंदिया, सातारा और सिंधुदुर्ग में बन रहे सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों के निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा राज्य के चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ ने की। बुधवार को मंत्रालय में आयोजित इस बैठक में विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति, निधि वितरण, मानव संसाधन योजना और आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता का आकलन किया गया। मंत्री मुश्रीफ ने कहा कि ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए ये मेडिकल कॉलेज अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, इसलिए सभी कार्य समयबद्ध और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। उन्होंने बताया कि कुछ परियोजनाओं में प्रगति संतोषजनक है, लेकिन कुछ स्थानों पर कार्य में देरी हो रही है। विशेष रूप से सिंधुदुर्ग के मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के निर्माण में हो रही देरी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ उचित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। मंत्री मुश्रीफ ने अस्पतालों में आधुनिक चिकित्सा उपकरण, छात्रों के लिए छात्रावास और प्राध्यापकों के लिए आवश्यक सुविधाओं का निर्माण योजनाबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था का स्तर ऊंचा होगा और चिकित्सा शिक्षा के अवसरों में भी वृद्धि होगी। बैठक में अनिल भंडारी, संदीप ढाकणे सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि संबंधित मेडिकल कॉलेजों के अधिष्ठाता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।




