Wednesday, April 29, 2026
Google search engine
HomeMaharashtraरिक्षा-टैक्सी चालकों के लिए मराठी अनिवार्य: 1 मई से राज्यभर में विशेष...

रिक्षा-टैक्सी चालकों के लिए मराठी अनिवार्य: 1 मई से राज्यभर में विशेष जांच अभियान

मुंबई। महाराष्ट्र में रिक्षा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा अनिवार्य करने के निर्णय को सख्ती से लागू करने के लिए परिवहन विभाग ने 1 मई से 15 अगस्त 2026 तक विशेष जांच अभियान चलाने का फैसला किया है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने मंगलवार को पत्रकार परिषद में बताया कि इस अभियान की निगरानी अतिरिक्त परिवहन आयुक्त रविंद्र गायकवाड की अध्यक्षता में गठित चार सदस्यीय समिति करेगी। मंत्री सरनाईक ने स्पष्ट किया कि रिक्षा-टैक्सी यूनियनों के साथ हुई बैठक में सभी संगठनों ने इस निर्णय का समर्थन किया है। “महाराष्ट्र में व्यवसाय करना है तो मराठी भाषा का ज्ञान जरूरी है,” इस बात पर सर्वसम्मति बनी है।राज्य के सभी 59 आरटीओ को इस विशेष अभियान के तहत सख्त जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले या अवैध परिवहन में शामिल चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, केवल मराठी न जानने के आधार पर लाइसेंस रद्द नहीं किया जाएगा, बल्कि अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत ही कार्रवाई होगी। मीरा-भाईंदर में पहले किए गए अभियान का उदाहरण देते हुए मंत्री ने बताया कि 3,443 रिक्षाओं की जांच में 565 चालक मराठी भाषा का ज्ञान साबित नहीं कर पाए, लेकिन उन्होंने भाषा सीखने की इच्छा जताई। इस अभियान के तहत रोजाना और साप्ताहिक स्तर पर समीक्षा की जाएगी और रिपोर्ट के आधार पर आरटीओ को आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे। अभियान को प्रभावी बनाने के लिए विशेष समिति निगरानी और समन्वय का काम करेगी। मराठी सीखने के इच्छुक चालकों के लिए आरटीओ कार्यालयों में प्रशिक्षण सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। ‘कोकण मराठी साहित्य परिषद’ और ‘मुंबई मराठी साहित्य संघ’ के सहयोग से प्रशिक्षण, पुस्तिकाएं और ई-पुस्तिकाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद चालकों को प्रमाणपत्र दिया जाएगा, जो भविष्य में लाइसेंस नवीनीकरण के लिए आवश्यक होगा। मंत्री सरनाईक ने कहा कि मराठी सीखने के इच्छुक चालकों को अवसर दिया जाएगा, लेकिन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। इस 100 दिवसीय अभियान के बाद 16 अगस्त 2026 को विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसके आधार पर आगे की नीति तय की जाएगी।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments