सूखे से जूझ रहे किसानों से मनोज जरांगे पाटील की भावुक अपील, बोले- आत्महत्या मत करो
वित्तीय कंपनियों को चेतावनी- महाराष्ट्र के किसी भी किसान को कर्ज चुकाने की जरूरत नहीं, किसानों के परिवारों के साथ मजबूती से खड़े होंगे

जालना। महाराष्ट्र में इस समय भीषण सूखे की स्थिति है। खरीफ की फसल बर्बाद होने से किसान गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। इसके बावजूद निजी वित्तीय कंपनियों की ओर से कर्ज की वसूली के लिए किसानों पर लगातार दबाव बनाए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। इसी बीच नांदेड़ जिले में एक किसान का शव निजी वित्तीय कंपनी के कार्यालय में मिलने की घटना ने पूरे राज्य में आक्रोश पैदा कर दिया है। इस घटना पर मराठा आरक्षण आंदोलनकारी मनोज जरांगे पाटील ने गहरा रोष व्यक्त किया है। उन्होंने किसानों से हाथ जोड़कर आत्महत्या नहीं करने की भावुक अपील की। जरांगे पाटील ने कहा कि सूखे का यह संकट भी समाप्त हो जाएगा, इसलिए किसान हिम्मत न हारें और अपनी जान देने जैसा कदम न उठाएं। उन्होंने कहा, “किसानों से हाथ जोड़कर विनती करता हूं कि आत्महत्या मत करो। आपके बच्चों को बहुत तकलीफ होती है। मैं आपके पैर पड़ता हूं, लेकिन आत्महत्या मत करो।” उन्होंने यह भी कहा कि नांदेड़ में जिस किसान का शव वित्तीय कंपनी के कार्यालय में मिला है, वह उसके परिवार से मुलाकात करेंगे और इस मामले को सरकार के सामने मजबूती से उठाएंगे।
वित्तीय कंपनियों को दी कड़ी चेतावनी
जरांगे पाटील ने कर्ज वसूली के नाम पर किसानों पर दबाव बनाने वाली वित्तीय कंपनियों को चेतावनी देते हुए कहा कि महाराष्ट्र के किसी भी किसान को फिलहाल कर्ज की रकम चुकाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, “वित्तीय कंपनियों को एक रुपया भी देने की जरूरत नहीं है। देखते हैं कौन आता है। महाराष्ट्र के एक भी किसान को पैसे भरने की जरूरत नहीं है।” उन्होंने कहा कि वे पूरी ताकत के साथ किसानों और उनके परिवारों के साथ खड़े रहेंगे तथा उनके अधिकारों के लिए संघर्ष करेंगे।
