बीएमसी के 1,700 से अधिक स्वास्थ्य कर्मचारियों को बड़ी राहत, महिला कर्मियों को मिलेगी 180 दिनों की सवेतन प्रसूति छुट्टी

महापौर रितू तावडे की पहल पर प्रशासन ने उठाए सकारात्मक कदम, न्यूनतम वेतन में सुधार की प्रक्रिया शुरू, वेतन भुगतान में देरी पर ठेकेदार के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई

मुंबई। राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन (NUHM) के अंतर्गत कार्यरत 1,700 से अधिक आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। मुंबई की महापौर रितू तावडे की पहल पर महिला कर्मचारियों को 180 दिनों की सवेतन प्रसूति छुट्टी देने के प्रस्ताव को महानगरपालिका आयुक्त की मंजूरी मिल गई है। इसके अलावा संशोधित न्यूनतम वेतन लागू करने और कर्मचारियों को समय पर वेतन उपलब्ध कराने की दिशा में भी प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू की गई है। विभिन्न मांगों को लेकर आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी पिछले कई दिनों से आजाद मैदान में आंदोलन कर रहे हैं। महापौर रितू तावडे ने 5 अक्टूबर 2026 को आंदोलन स्थल पहुंचकर कर्मचारियों से सीधे बातचीत की थी और उनकी समस्याओं की जानकारी ली थी। उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान मुंबईकरों की सेवा करने वाले इन कर्मचारियों की लंबित मांगों का शीघ्र समाधान करने के लिए प्रशासन को पत्र लिखकर ठोस उपाययोजना करने के निर्देश दिए थे। महापौर के निर्देशों के बाद बीएमसी के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग ने विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत की। बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को दोपहर में आंदोलनकारी कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल ने महापौर निवास पर रितू तावडे से मुलाकात की। इस दौरान महापौर ने प्रतिनिधिमंडल को प्रशासन द्वारा लिए गए निर्णयों और लंबित प्रस्तावों की प्रगति की जानकारी दी।
महिला कर्मचारियों को 180 दिनों की सवेतन प्रसूति छुट्टी
आउटसोर्स महिला स्वास्थ्य कर्मचारियों की मातृत्व संबंधी जिम्मेदारियों और आर्थिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 180 दिनों की सवेतन प्रसूति छुट्टी लागू करने के प्रस्ताव को महानगरपालिका आयुक्त ने मंजूरी दे दी है। इस संबंध में संबंधित आउटसोर्स एजेंसी को परिपत्र जारी करने की प्रशासनिक प्रक्रिया चल रही है।
संशोधित न्यूनतम वेतन लागू करने की तैयारी
आउटसोर्स कर्मचारियों को संशोधित न्यूनतम वेतन का लाभ देने के प्रस्ताव को प्रमुख श्रम अधिकारी की राय के साथ वित्त विभाग के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। वित्त विभाग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस संबंध में आगे निर्णय लिया जाएगा।
वेतन भुगतान में देरी पर ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई
कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं देने के मामले में संबंधित ठेकेदार एजेंसी मेसर्स डी. एस. एंटरप्राइजेज के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की गई है। साथ ही एजेंसी को भविष्य में वेतन भुगतान में देरी नहीं करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। कर्मचारियों के वेतन में अनियमितता और अन्य शिकायतों के समाधान के लिए उपायुक्त (सार्वजनिक स्वास्थ्य) की अध्यक्षता में एक समिति गठित की जाएगी। यह समिति कर्मचारियों की शिकायतों की समीक्षा करेगी और आवश्यकता के अनुसार संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के दौरान महापौर रितू तावडे ने कहा कि कोविड महामारी के कठिन दौर में मुंबईकरों के स्वास्थ्य की रक्षा करने वाले आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ महानगरपालिका मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा, “प्रशासन द्वारा लिए गए निर्णय कर्मचारियों के न्यायसंगत अधिकारों की पूर्ति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। महिला कर्मचारियों के लिए 180 दिनों की सवेतन प्रसूति छुट्टी को मंजूरी मिलना बड़ी राहत है। शेष मांगों को लेकर भी महानगरपालिका प्रशासन और राज्य सरकार का रुख सकारात्मक है। महापौर की इस पहल से आंदोलनरत स्वास्थ्य कर्मचारियों की कुछ प्रमुख मांगों के समाधान का रास्ता खुला है। हालांकि, संशोधित न्यूनतम वेतन और अन्य लंबित मांगों पर अंतिम निर्णय तथा स्वीकृत सुविधाओं का वास्तविक लाभ मिलने के लिए संबंधित प्रशासनिक प्रक्रियाओं का पूरा होना अभी बाकी है।

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