महाराष्ट्र में स्वास्थ्य सेवा शिक्षा और प्रशिक्षण में बड़ा बदलाव, 50 से अधिक पाठ्यक्रमों को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री फडणवीस के निर्देश के बाद ‘महाराष्ट्र राज्य सहयोगी एवं स्वास्थ्य सेवा परिषद’ के गठन और क्रियान्वयन में तेजी; शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से लागू होगा राष्ट्रीय स्तर का अपडेटेड पाठ्यक्रम

मुंबई। महाराष्ट्र में स्वास्थ्य सेवा से जुड़े पेशेवरों की शिक्षा, प्रशिक्षण और नियमन की व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश के बाद ‘महाराष्ट्र राज्य सहयोगी एवं स्वास्थ्य सेवा परिषद’ (Maharashtra State Allied and Healthcare Council) की स्थापना और उसके प्रभावी क्रियान्वयन की प्रक्रिया को गति दी गई है। सरकार का कहना है कि इससे स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों की शिक्षा और प्रशिक्षण को बेहतर बनाने के साथ उनके नियमन के लिए अधिक सक्षम व्यवस्था विकसित की जाएगी। राज्य सरकार के अनुसार, सहयोगी एवं स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 10 अक्टूबर 2024 को परिषद की स्थापना की अधिसूचना जारी की गई थी। परिषद का कामकाज सुचारू रूप से संचालित करने के लिए आवश्यक नियमावली भी तैयार की गई है। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव शैक्षणिक पाठ्यक्रम में होने जा रहा है। शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से राष्ट्रीय स्तर पर तैयार अपडेटेड पाठ्यक्रम को पूरे महाराष्ट्र में लागू करने की दिशा में प्रक्रिया तेज कर दी गई है। सरकार का मानना है कि इससे राज्य के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण उपलब्ध हो सकेगा।
परिषद के तहत बनेंगे चार स्वायत्त बोर्ड
स्वास्थ्य सेवा शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, पेशेवर मानकों को मजबूत करने और कामकाज में एकरूपता लाने के लिए परिषद के अंतर्गत चार स्वायत्त बोर्ड स्थापित किए जाएंगे। इनमें स्नातक सहयोगी एवं स्वास्थ्य सेवा शिक्षा बोर्ड, स्नातकोत्तर सहयोगी एवं स्वास्थ्य सेवा शिक्षा बोर्ड, सहयोगी एवं स्वास्थ्य सेवा व्यवसाय मूल्यांकन एवं मान्यता बोर्ड तथा सहयोगी एवं स्वास्थ्य सेवा व्यवसाय आचार संहिता एवं पंजीकरण बोर्ड शामिल होंगे। इन बोर्डों के माध्यम से शिक्षा से लेकर मूल्यांकन, मान्यता, पेशेवर आचार संहिता और पंजीकरण तक की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने की योजना है।
50 से अधिक क्षेत्रों में प्रशिक्षण का रास्ता होगा मजबूत
स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों की पंजीकरण प्रक्रिया से संबंधित केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों को मंजूरी देने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और इस संबंध में 31 अगस्त 2026 को अधिसूचना जारी की गई। इसके बाद राज्य सरकार ने आगे की कार्यवाही शुरू करने की तैयारी कर ली है। नई व्यवस्था के तहत महाराष्ट्र में फिजियोथेरेपिस्ट, रेडियोग्राफर, प्रयोगशाला तकनीशियन, नेत्र स्वास्थ्य से जुड़े पेशेवर, आहार विशेषज्ञ सहित 50 से अधिक सहयोगी एवं स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों में शिक्षा और प्रशिक्षण की व्यवस्था को विस्तार तथा व्यवस्थित स्वरूप देने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
पंजीकरण से आचार संहिता तक बनेगी व्यवस्थित व्यवस्था
राज्य सरकार के मुताबिक, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन में संबंधित विभागों और संस्थाओं के बीच समन्वय स्थापित कर परिषद को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार को उम्मीद है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद सहयोगी एवं स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में पेशेवर मानकों, आचार संहिता, मूल्यांकन, मान्यता और पंजीकरण की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी होगी। इसका सीधा लाभ स्वास्थ्य क्षेत्र में करियर बनाने वाले विद्यार्थियों और पेशेवरों के साथ भविष्य में मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को भी मिलने की उम्मीद है।
