महाराष्ट्र मंत्रिमंडल के बड़े फैसले: सरकारी जमीन आवंटन के नियम बदलेंगे, गजानन महाराज संस्थान को निर्माण की अनुमति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्ष के नेतृत्व पर अभिनंदन प्रस्ताव पारित, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय

मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में बुधवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में सरकारी जमीन के आवंटन संबंधी नियमों में बदलाव और बुलढाणा जिले में श्री संत गजानन महाराज संस्थान को तीर्थस्थल विकास के लिए निर्माण की अनुमति देने सहित कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में लगातार 25 वर्ष पूरे होने पर उनका अभिनंदन करने वाला प्रस्ताव भी पारित किया गया।
सरकारी जमीन आवंटन में 10 प्रतिशत की सीमा बढ़कर 25 प्रतिशत होगी
मंत्रिमंडल ने सरकारी स्वामित्व वाले छोटे, संकरे, स्वतंत्र निर्माण के लिए अनुपयुक्त और पहुंच मार्ग से वंचित भूखंडों के आवंटन की नीति में संशोधन को मंजूरी दी है। इसके लिए महाराष्ट्र भूमि राजस्व (सरकारी भूमि का निपटान) नियम, 1971 के नियम 37 और 37-अ में बदलाव किए जाएंगे। पूर्व नीति के अनुसार, आवंटित किए जाने वाले सरकारी भूखंड का क्षेत्रफल उससे सटे भूखंड धारक की कुल भूमि के 10 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए था। अब यह सीमा बढ़ाकर 25 प्रतिशत की जाएगी। जिन भूखंडों पर निर्माण संभव नहीं है, उनके लिए सरकार की मंजूरी से इस सीमा में छूट दी जा सकेगी। हालांकि, जिन भूखंडों पर निर्माण की अनुमति नहीं है, उन्हें स्थायी रूप से खुला रखना अनिवार्य होगा। भविष्य में विकास नियमों में बदलाव के बाद ऐसे भूखंडों पर निर्माण किया जाता है, तो सरकार प्रचलित दर के अनुसार अंतर की राशि और अतिरिक्त प्रीमियम वसूल कर सकेगी।
गजानन महाराज संस्थान को 3.81 हेक्टेयर भूमि पर निर्माण की मंजूरी
मंत्रिमंडल ने बुलढाणा जिले के गिरडा गांव में श्री संत गजानन महाराज संस्थान, शेगांव को तीर्थस्थल विकास के लिए स्थायी निर्माण की अनुमति दी है। संस्थान को पहले वृक्षारोपण के लिए 19 हेक्टेयर 6 आर सरकारी भूमि दी गई थी। अब इसमें से 3 हेक्टेयर 81 आर भूमि पर श्रद्धालुओं के लिए स्मृति केंद्र, इको-टूरिज्म सेंटर, शांति कुटीर, आवास परिसर, सभागृह, प्रदर्शनी केंद्र, खुले मंच, प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र, आयुर्वेदिक अनुसंधान केंद्र, अस्पताल और ग्रामीण कुटीर उद्योग से जुड़ी सुविधाओं के निर्माण को मंजूरी दी गई है।
यह अनुमति महाराष्ट्र भूमि राजस्व संहिता, 1966 की धारा 40 के अंतर्गत निर्धारित शर्तों के अधीन रहेगी। शेष 15 हेक्टेयर 25 आर भूमि का उपयोग केवल वृक्षारोपण के लिए करना अनिवार्य होगा।
प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्ष के नेतृत्व पर अभिनंदन प्रस्ताव
बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 7 अक्टूबर 2001 से 7 अक्टूबर 2026 तक मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में लगातार 25 वर्ष पूरे करने पर अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया गया। प्रस्ताव में सुशासन, बुनियादी ढांचे के विस्तार, डिजिटल सुविधाओं, महिला सशक्तीकरण, किसान कल्याण, राष्ट्रीय सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में केंद्र सरकार के प्रयासों की सराहना की गई।
मंत्रिमंडल ने महाराष्ट्र के विकास में केंद्र सरकार के सहयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में लगभग 12 लाख करोड़ रुपये की बुनियादी ढांचा परियोजनाएं संचालित हैं। प्रस्ताव में 701 किलोमीटर लंबे समृद्धि महामार्ग, मुंबई मेट्रो, अटल सेतु, नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, वाढवण बंदर और मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन जैसी परियोजनाओं का उल्लेख किया गया।
किसानों, महिलाओं और ग्रामीण विकास की योजनाओं का उल्लेख
मंत्रिमंडल के प्रस्ताव में दावा किया गया कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत महाराष्ट्र की 29 बड़ी और मध्यम सिंचाई परियोजनाओं को सहयोग मिला है। जुलाई 2026 तक 4.49 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता विकसित होने का उल्लेख किया गया।
इसके अलावा लगभग 15 हजार करोड़ रुपये की बळीराजा जलसंजीवनी योजना, 11.80 लाख सौर कृषि पंपों की स्थापना, प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में 43 लाख घरों की मंजूरी तथा पीएम किसान सम्मान निधि से 91 लाख किसानों को सहायता मिलने का उल्लेख किया गया। प्रस्ताव के अनुसार, महाराष्ट्र में 3.83 करोड़ जनधन खाते खोले गए हैं और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से 21.46 लाख महिलाओं को लाभ मिला है। मंत्रिमंडल ने विकसित भारत के लक्ष्य में महाराष्ट्र की महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का संकल्प व्यक्त किया। साथ ही प्रधानमंत्री मोदी के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की।
