
ठाणे। अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत ठाणे शहर पुलिस की क्राइम ब्रांच के एंटी-नारकोटिक्स सेल (ANC) ने एक बड़े ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 3 किलो 20 ग्राम चरस तथा 12,984 स्पास्मो-प्रॉक्सीवॉन आर-प्लस (ट्रामाडोल) कैप्सूल बरामद किए हैं, जिनकी कुल अनुमानित कीमत ₹3.03 करोड़ से अधिक बताई गई है। पुलिस के अनुसार, हेड कॉन्स्टेबल अमोल देसाई को प्राप्त गुप्त सूचना के आधार पर वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक जनार्दन सोनावणे के नेतृत्व में टीम ने 8 मई 2026 को खारेगांव टोल नाका के पास जाल बिछाया। कार्रवाई के दौरान गुजरात के भरूच निवासी फिरोज अब्दुल खान (52) को गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान उसके पास से लगभग ₹3.02 करोड़ मूल्य की चरस, ₹1.48 लाख से अधिक कीमत के ट्रामाडोल कैप्सूल, नकदी और मोबाइल फोन बरामद किए गए। इसके बाद कलवा पुलिस स्टेशन में एनडीपीएस अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान पुलिस को तस्करी नेटवर्क के तार जम्मू-कश्मीर से जुड़े मिले। तकनीकी विश्लेषण और खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने 19 मई 2026 को अनंतनाग से मोहम्मद अशरफ गुलाम अहमद शेडा (42) को गिरफ्तार किया। इसके बाद 6 जून 2026 को कुपवाड़ा जिले से एक अन्य प्रमुख सप्लायर शौकत अज़ीज़ मीर को भी हिरासत में लिया गया। पुलिस के मुताबिक, शौकत अज़ीज़ मीर को 12 जून तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है, जबकि मुख्य आरोपी फिरोज खान से भी पूछताछ जारी है। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि उच्च गुणवत्ता वाली चरस सीधे जम्मू-कश्मीर से मंगाकर महाराष्ट्र सहित विभिन्न राज्यों में सप्लाई की जा रही थी। संयुक्त पुलिस आयुक्त डॉ. पंजाबराव उगले और पुलिस उपायुक्त अमरसिंह जाधव ने बताया कि फिरोज खान एक आदतन अपराधी है, जिसके खिलाफ पहले भी नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो द्वारा अहमदाबाद (2008) और जम्मू (2017) में एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामले दर्ज किए जा चुके हैं। ठाणे पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें नशीले पदार्थों की तस्करी या अवैध कारोबार से संबंधित कोई जानकारी मिले तो वे पुलिस को सूचित करें। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। यह कार्रवाई ठाणे पुलिस के मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है और इससे अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।



