
मुंबई। मध्य रेल की रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ़) ने मई 2026 के दौरान सतर्कता, त्वरित कार्रवाई और विभिन्न एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय का परिचय देते हुए मोबाइल चोरी और नशीले पदार्थों की तस्करी के मामलों में बड़ी सफलता हासिल की है। मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ.स्वप्नील निला ने मंगलवार को बताया कि आरपीएफ ने दो अलग-अलग अभियानों में सात आरोपियों को गिरफ्तार कर 22 लाख रुपए से अधिक मूल्य के चोरी के मोबाइल फोन और नकदी बरामद की, वहीं ‘ऑपरेशन नारकोस’ के तहत लाखों रुपये मूल्य का मादक पदार्थ भी जब्त किया। भुसावल मंडल में 22 मई को केरल पुलिस से प्राप्त सूचना के आधार पर आरपीएफ की विशेष टीम ने ट्रेन संख्या 12617 एर्नाकुलम–हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस में तलाशी अभियान चलाया। जांच के दौरान एक सामान्य कोच से चार संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। तलाशी में उनके पास से 37 मोबाइल फोन और 25,235 रुपए नकद बरामद हुए, जिनकी कुल कीमत लगभग 18.25 लाख रुपए आंकी गई। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि मोबाइल फोन केरल के कन्नूर स्थित एक मोबाइल दुकान से चोरी किए गए थे। बाद में आरोपियों और बरामद माल को आगे की कार्रवाई के लिए केरल पुलिस को सौंप दिया गया। इसी प्रकार, 5 मई को मनमाड रेलवे स्टेशन पर गश्त के दौरान आरपीएफ जवानों ने तीन संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़ा। जांच में उनके पास से 28 चोरी के मोबाइल फोन बरामद हुए, जिनकी कीमत लगभग 4.08 लाख रुपए बताई गई। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि मोबाइल फोन कर्नाटक के कलबुर्गी में आयोजित उर्स मेले से चोरी किए गए थे। सत्यापन के बाद तीनों आरोपियों को बरामद मोबाइल फोन के साथ संबंधित पुलिस को सौंप दिया गया। नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन नारकोस’ के तहत नागपुर रेलवे स्टेशन पर भी आरपीएफ को बड़ी सफलता मिली। 4 मई को स्टेशन के फुट ओवर ब्रिज पर निगरानी के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति दो बैग छोड़कर फरार हो गया। आरपीएफ और डॉग स्क्वाड की सहायता से बैगों की तलाशी लेने पर उनमें से 12.80 किलोग्राम गांजा जैसा मादक पदार्थ बरामद हुआ, जिसकी अनुमानित कीमत 2.56 लाख रुपए है। बरामद सामग्री को जब्त कर आगे की कार्रवाई के लिए जीआरपी नागपुर को सौंप दिया गया, जहां एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। मध्य रेल ने बताया कि रेलवे नेटवर्क के माध्यम से अपराध और नशीले पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए स्टेशनों और ट्रेनों में निगरानी लगातार बढ़ाई जा रही है। इन सफल अभियानों ने आरपीएफ कर्मियों की सतर्कता, पेशेवर दक्षता और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच प्रभावी समन्वय को एक बार फिर साबित किया है। मध्य रेल ने यात्रियों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि, लावारिस सामान या अपराध संबंधी सूचना तुरंत हेल्पलाइन नंबर 139 अथवा निकटतम आरपीएफ/जीआरपी कर्मियों को दें, ताकि रेलवे परिसर को सुरक्षित और अपराधमुक्त बनाया जा सके।



