प्रदीप पूर्णेकर हत्याकांड में बड़ी कार्रवाई, निखिल यादव और नितेश पवार गिरफ्तार

ठाणे क्राइम ब्रांच की नौ टीमें जांच में जुटीं; हत्या के मास्टरमाइंड और मकसद की तलाश जारी

ठाणे। शिवसेना (UBT) के मानपाड़ा विभाग प्रमुख प्रदीप उर्फ बालू पूर्णेकर की सनसनीखेज हत्या के मामले में ठाणे पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने फरार चल रहे निखिल यादव और नितेश पवार उर्फ भावड्या को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में पहले पप्या शिंदे को गिरफ्तार किया गया था। इस तरह अब तक तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पूर्णेकर की मंगलवार रात मानपाड़ा स्थित उनके कार्यालय में हत्या कर दी गई थी। हमलावरों ने उन पर गोलियां चलाईं और धारदार हथियार से भी हमला किया था। गंभीर रूप से घायल पूर्णेकर को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। हत्या की जांच ठाणे क्राइम ब्रांच को सौंपे जाने के बाद डीसीपी अमरसिंह जाधव के नेतृत्व में नौ टीमें आरोपियों की तलाश में लगाई गईं। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, आरोपियों की गतिविधियों और अन्य तकनीकी सुरागों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिलें भी जब्त की हैं। निखिल यादव और नितेश पवार की गिरफ्तारी के स्थान को लेकर शुरुआती मीडिया रिपोर्टों में अलग-अलग विवरण सामने आए हैं। कुछ रिपोर्टों में दोनों को महाराष्ट्र-गोवा सीमा की ओर भागते समय पकड़े जाने की बात कही गई है, जबकि अन्य रिपोर्टों के मुताबिक दोनों मुंबई-गोवा हाईवे पर अलीबाग के पास एक डेयरी में छिपे हुए थे, जहां पुलिस ने छापा मारकर उन्हें पकड़ा। पुलिस जांच के हवाले से प्रकाशित रिपोर्टों के मुताबिक निखिल यादव पर पूर्णेकर को गोली मारने, जबकि नितेश पवार पर कोयते से हमला करने का आरोप है। निखिल यादव के बारे में यह भी सामने आया है कि वह पहले पूर्णेकर के कार्यालय के पास स्थित एक वडापाव की गाड़ी पर काम करता था। इन आरोपों की आगे की जांच पुलिस कर रही है। इस हत्याकांड में पप्या शिंदे की भूमिका की भी जांच की जा रही है। वह वारदात के समय पूर्णेकर के साथ कार्यालय में मौजूद था। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और कॉल रिकॉर्ड सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। मामले ने राजनीतिक रूप भी ले लिया है। पूर्णेकर के परिवार और शिवसेना (UBT) के नेताओं की ओर से हत्या के पीछे राजनीतिक संबंध होने के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि इन आरोपों को अभी जांच में स्थापित नहीं किया गया है और पुलिस हत्या के मकसद तथा संभावित साजिशकर्ताओं की भूमिका की जांच कर रही है। अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के जरिए पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या की साजिश किसने रची, हथियार किसने उपलब्ध कराए, आरोपियों को किसने मदद या पनाह दी और हत्या के पीछे वास्तविक मकसद क्या था। ठाणे पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच के लिए विशेष जांच दल भी गठित किया है।

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