शिवा शर्मा हत्याकांड में बड़ी कार्रवाई: डीसीपी विक्रांत वीर हटाए गए
नेपाल से लखनऊ हाई कोर्ट पहुंचकर फरार होने की खबरों के बीच पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल, श्रद्धा दुबे समेत तीनों पर 50-50 हजार का इनाम

लखनऊ, उत्तर प्रदेश। चर्चित कारोबारी शिवा शर्मा मौत मामले में शासन और पुलिस स्तर पर कार्रवाई तेज हो गई है। मुख्य आरोपी बताई जा रही श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी न होने के बीच लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट में कई अधिकारियों के कार्यक्षेत्र बदले गए हैं। हजरतगंज थाना प्रभारी विक्रम सिंह को लाइन हाजिर किए जाने के बाद डीसीपी मध्य विक्रांत वीर को पद से हटाकर पुलिस महानिदेशक मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। उनकी जगह अर्पित विजयवर्गीय को पुलिस उपायुक्त मध्य की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पुलिस ने फरार श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और चालक दानिश की गिरफ्तारी पर घोषित इनाम राशि भी 25 हजार रुपये से बढ़ाकर 50-50 हजार रुपये कर दी है। कमिश्नरेट में प्रशासनिक फेरबदल के तहत चार सहायक पुलिस आयुक्तों के कार्यक्षेत्र भी बदले गए हैं। एसीपी हजरतगंज रजनीश वर्मा को हटाकर सहायक पुलिस आयुक्त अपराध बनाया गया है। कैसरबाग की जिम्मेदारी संभाल रहे अभिषेक कुमार पांडेय को एसीपी हजरतगंज बनाया गया है। एसीपी कार्यालय में तैनात गौरव उपाध्याय को कैसरबाग और अंकित कुमार को महानगर के साथ कार्यालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। विक्रांत वीर 2014 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उन्हें डीसीपी सेंट्रल के पद से हटाकर पुलिस अधीक्षक के रूप में डीजीपी मुख्यालय से संबद्ध किया गया है। इससे पहले हजरतगंज इंस्पेक्टर विक्रम सिंह पर भी कार्रवाई की जा चुकी है। लगातार हो रहे तबादलों और कार्रवाई से पुलिस महकमे में हलचल तेज है। इस बीच फरार श्रद्धा दुबे ने एक वीडियो जारी कर अपने खिलाफ लगाए गए हत्या के आरोपों को गलत बताया है। उसका दावा है कि शिवा शर्मा ने चौथी मंजिल से खुद छलांग लगाई थी। श्रद्धा ने यह भी दावा किया कि शिवा पर 16 से 17 लाख रुपये का कर्ज था और वह उसके घर से करीब पांच से छह लाख रुपये के जेवर ले गया था। श्रद्धा ने पुलिस जांच पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उसके फ्लैट की सीसीटीवी फुटेज की ठीक से जांच नहीं की गई। उसने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। श्रद्धा के इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है।
