पीलीभीत मतदाता सूची गड़बड़ी मामले में बड़ी कार्रवाई, दो SDM पर FIR
एसआईआर के दौरान लापरवाही का आरोप, कंप्यूटर ऑपरेटर की सेवा समाप्त, दोनों अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू

पीलीभीत, उत्तर प्रदेश। सदर विधानसभा सीट की मतदाता सूची में गड़बड़ी के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। बृहस्पतिवार को दो उप जिलाधिकारियों मयंक गोस्वामी और हेमंत चौधरी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इस मामले में एक कंप्यूटर ऑपरेटर अनिल कुमार को भी आरोपी बनाया गया है। सहायक निर्वाचन अधिकारी की तहरीर पर कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज किया गया है। जिलाधिकारी आलोक कुमार ने कार्रवाई की जानकारी दी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के निर्देश पर मतदाता सूची में गड़बड़ी की शिकायतों की जांच कराई गई थी। प्राथमिक जांच में पूरनपुर के एसडीएम मयंक गोस्वामी और अमरिया के एसडीएम हेमंत चौधरी को गंभीर लापरवाही का दोषी माना गया। दोनों अधिकारी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ERO) के रूप में तैनात थे। निर्वाचन आयोग ने बुधवार को दोनों एसडीएम को पद से हटाकर जिला मुख्यालय से संबद्ध कर दिया था। वहीं वीआरसी के कंप्यूटर ऑपरेटर अनिल कुमार की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। दोनों एसडीएम के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। इस बीच मतदाता सूची में गड़बड़ियों को लेकर सपा और कांग्रेस ने भी मोर्चा खोल रखा है। कांग्रेस नेता कुमुद गंगवार ने 13 हजार से अधिक वोटों में गड़बड़ी और कुल 16 हजार से ज्यादा वोटों में हेरफेर का आरोप लगाया है। उन्होंने मामले में सत्ता पक्ष के एक मौजूदा विधायक के इशारे पर अधिकारियों के सिंडिकेट के काम करने का दावा करते हुए सीबीआई जांच की मांग की है। ये आरोप राजनीतिक हैं और जांच का विषय हैं। समाजवादी पार्टी ने भी प्रेसवार्ता कर सदर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर हेरफेर का आरोप लगाया। सपा जिलाध्यक्ष धर्मेश गंगवार, पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा और पूर्व मंत्री अनीस अहमद खां फूल बाबू ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक अधिकारियों ने सत्ता पक्ष के दबाव में काम किया। सपा नेताओं का दावा है कि एसआईआर के बाद भी मतदाताओं के EPIC नंबरों में बदलाव किए गए, जिससे लोगों को मताधिकार से वंचित करने की आशंका पैदा हुई। उन्होंने पूरी मतदाता सूची की जांच कर गड़बड़ियों को दुरुस्त करने की मांग की है। दोनों दलों के आरोपों और प्रशासनिक कार्रवाई के बाद पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची का मामला अब राजनीतिक रूप से भी गर्मा गया है।
