आजम खां के जौहर विश्वविद्यालय पर ईडी की बड़ी कार्रवाई, ₹1,170 करोड़ की संपत्तियां जब्त
पीएमएलए के तहत रामपुर में कार्रवाई, जांच के दायरे में विश्वविद्यालय के करीब 38 भवन

रामपुर, उत्तर प्रदेश। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के लखनऊ जोनल कार्यालय ने बुधवार को रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय की जमीन और भवनों को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत जब्त कर लिया। जब्त संपत्तियों का मौजूदा बाजार मूल्य करीब 1,170 करोड़ रुपये बताया गया है। इन भवनों के निर्माण पर 426.46 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे, जिनमें अधिकांश राशि सरकारी धन की थी। ईडी ने करीब सात साल तक चली जांच के बाद यह कार्रवाई की है।
मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट से जुड़ा मामला
यह मामला समाजवादी पार्टी सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे मोहम्मद आजम खां और उनके परिजनों से जुड़े मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट से संबंधित है। आजम खां ने ही इस ट्रस्ट की स्थापना की थी और वह विश्वविद्यालय के कुलाधिपति भी हैं। ईडी ने रामपुर के अजीमनगर थाने में दर्ज 26 प्राथमिकियों के आधार पर जांच शुरू की थी। इन मामलों में विश्वविद्यालय के लिए किसानों की कृषि भूमि पर कथित रूप से जबरन कब्जा करने के आरोप लगाए गए थे।
शत्रु संपत्ति की 34 एकड़ जमीन पर कब्जे का आरोप
रामपुर जिला प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार, गांव सिंघनखेड़ा में शत्रु संपत्ति के 45 भूखंडों पर भी कथित अवैध कब्जा किया गया था। इन भूखंडों का कुल क्षेत्रफल करीब 34 एकड़ बताया गया है। अभिरक्षक द्वारा पट्टा समझौता रद्द किए जाने के बाद भी कब्जा जारी रहने का आरोप है। गृह मंत्रालय के शत्रु संपत्ति अभिरक्षक ने अब इस जमीन का कब्जा वापस ले लिया है।
सरकारी धन से भवन निर्माण की जांच
ईडी की कार्रवाई के दायरे में विश्वविद्यालय के करीब 38 भवन आए हैं। बताया गया है कि अब ट्रस्ट के पास केवल दो-तीन भवनों का स्वामित्व शेष है। आयकर विभाग की जांच में भवनों के निर्माण पर सरकारी धन खर्च किए जाने का मामला सामने आया था। जौहर ट्रस्ट ने भवन निर्माण पर 45 करोड़ रुपये खर्च होने का दावा किया था, जबकि आयकर विभाग के मूल्यांकन में इनकी कीमत करीब 494 करोड़ रुपये आंकी गई थी।
सरकारी ठेकों की रकम ट्रस्ट तक पहुंचाने का आरोप
जांच में कथित तौर पर पाया गया कि सार्वजनिक कार्यों के लिए आवंटित धन को विश्वविद्यालय की ओर मोड़ा गया और निजी परिसर में सरकारी काम कराए गए। आरोप है कि सरकारी ठेके प्राप्त करने वाले ठेकेदारों से मिली धनराशि दान के रूप में ट्रस्ट को भेजी गई। ईडी ने इस मामले में दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।
ट्रस्ट पदाधिकारियों के ठिकानों पर छापे
ईडी ने हाल ही में जौहर ट्रस्ट के पदाधिकारियों से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की थी। इसी दौरान अजीमनगर थाने में आजम खां और ट्रस्ट के खिलाफ एक और प्राथमिकी दर्ज कराई गई। इसके अलावा, आजम खां पर वर्ष 2016 में रामपुर शहर के कई घरों को बुलडोजर से गिरवाने के आरोप भी हैं। आरोपों के अनुसार, उनके निर्देश पर लोगों के साथ मारपीट की गई और नकदी व गहने लूटे गए। यह भी आरोप है कि ध्वस्त घरों का मलबा और नगर पालिका की सफाई मशीनरी विश्वविद्यालय परिसर में ले जाई गई। इन आरोपों की पुष्टि संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया के निष्कर्षों के आधार पर ही की जानी चाहिए।
