
पुणे। महाराष्ट्र में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच बुधवार को पिंपरी-चिंचवड़ के मोशी इलाके में बड़ा हादसा हो गया। पुराने कचरे के डंपिंग यार्ड में कचरे का विशाल ढेर ढहकर पास स्थित एक प्रशासनिक इमारत पर गिर गया, जिससे पूरी बिल्डिंग धराशायी हो गई। हादसे के बाद कम से कम 16 लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, घटना के समय प्रशासनिक इमारत के अंदर करीब 20 लोग मौजूद थे। हादसे के तुरंत बाद चार लोग किसी तरह सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे, जबकि अन्य लोगों के इमारत के मलबे में फंसे होने की आशंका है। राहत एवं बचाव दलों ने फंसे हुए लोगों से संपर्क स्थापित कर लिया है और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका के आयुक्त विजय सूर्यवंशी के अनुसार, यह प्रशासनिक इमारत मोशी स्थित वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट के पास सैनिटरी लैंडफिल परिसर में पुराने कचरे के विशाल ढेर के नजदीक बनी हुई थी। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि पिछले दो दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश के कारण पुराने कचरे का विशाल ढेर अस्थिर हो गया। इसके बाद कचरे का बड़ा हिस्सा अचानक ढहकर पास स्थित प्रशासनिक इमारत पर गिर गया, जिससे बिल्डिंग धराशायी हो गई। अधिकारियों के मुताबिक, हादसे में ढही इमारत एक निजी कंपनी का प्रशासनिक कार्यालय थी। यह कंपनी पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका की ओर से साइट पर कचरे की प्रोसेसिंग का काम करती है। प्रशासनिक कार्यालय पुराने कचरे के डंपिंग यार्ड परिसर के भीतर स्थित था। घटना की सूचना मिलते ही नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एनडीआरएफ), फायर ब्रिगेड और अन्य राहत एवं बचाव एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। अधिकारियों के अनुसार, बचाव दलों ने ढही हुई इमारत के अंदर फंसे लोगों से संपर्क स्थापित कर लिया है। राहत टीमें लगातार मलबा हटाकर फंसे हुए लोगों तक पहुंचने और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, लगातार हो रही भारी बारिश और घटनास्थल पर बड़ी मात्रा में जमा कचरे एवं मलबे के कारण राहत एवं बचाव कार्य में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद एनडीआरएफ और फायर ब्रिगेड की टीमें युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। यह हादसा ऐसे समय में हुआ है, जब पुणे, मुंबई और महाराष्ट्र के कई अन्य हिस्सों में लगातार भारी मॉनसूनी बारिश हो रही है। पिछले दो दिनों से जारी बारिश के कारण कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है और जगह-जगह जलभराव, भूस्खलन तथा अन्य बारिश से जुड़ी घटनाएं सामने आ रही हैं। इससे पहले 6 जुलाई को पुणे जिले में भूस्खलन और दीवार गिरने की अलग-अलग घटनाओं में एक ही परिवार के तीन सदस्यों समेत चार लोगों की मौत हो गई थी। बारिश से जुड़ी अन्य घटनाओं में दो लोगों के बहने की भी खबर सामने आई थी। भारी बारिश और संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन ने विभिन्न संवेदनशील इलाकों से 500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। फिलहाल मोशी स्थित घटनास्थल पर राहत एवं बचाव अभियान जारी है। प्रशासन और बचाव एजेंसियों की प्राथमिकता मलबे में फंसे सभी लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालना है। हादसे के वास्तविक कारणों और सुरक्षा व्यवस्था में संभावित खामियों की जांच रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद किए जाने की संभावना है।



