दिल्ली प्रदर्शन में जा रहे महाराष्ट्र के कार्यकर्ता इटारसी में रोके गए, गोवा एक्सप्रेस से उतारकर हिरासत
10 अक्टूबर के प्रस्तावित CJP प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे, स्टेशन पर नारेबाजी, पुलिस ने सभी को आगे जाने से रोका

इटारसी, मध्य प्रदेश । दिल्ली में 10 अक्टूबर को प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे महाराष्ट्र के कई कार्यकर्ताओं और छात्रों को मध्य प्रदेश के इटारसी जंक्शन पर पुलिस ने गोवा एक्सप्रेस से उतारकर हिरासत में ले लिया। ये लोग पुणे और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों से दिल्ली की ओर जा रहे थे। गोवा एक्सप्रेस गुरुवार शाम इटारसी जंक्शन पहुंची तो पुलिस बल ने संबंधित कोच में पहुंचकर यात्रियों की जांच की और प्रदर्शन में जाने वाले लोगों को नीचे उतारा। इस दौरान कार्रवाई का विरोध करते हुए कुछ लोगों ने स्टेशन पर नारेबाजी की। बाद में हिरासत में लिए गए लोगों को इटारसी के एक होटल/रिसॉर्ट में ले जाया गया। हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या को लेकर अलग-अलग मीडिया रिपोर्टों में अंतर है। एक स्थानीय रिपोर्ट में 15 लोगों को हिरासत में लेने की बात कही गई है, जबकि अन्य रिपोर्टों में इटारसी में 14 से 22 और मध्य प्रदेश के अलग-अलग स्टेशनों पर कुल करीब 30 लोगों को रोके जाने की जानकारी है। इसलिए अंतिम आधिकारिक संख्या पुलिस की विस्तृत जानकारी के बाद स्पष्ट होगी। इटारसी जीआरपी के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि बड़ी संख्या में युवा दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे हैं और कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हो सकती है। इसके बाद ट्रेन की जांच कर कुछ यात्रियों को रोका गया और उन्हें वापस अपने गृह राज्य जाने की सलाह दी जा रही थी।
दिल्ली में 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े मुद्दे उठाए जाने हैं। प्रदर्शन से पहले दिल्ली और विभिन्न राज्यों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है तथा कुछ समूहों से जुड़े लोगों को यात्रा के दौरान रोकने या पूछताछ किए जाने की खबरें भी सामने आई हैं। इटारसी में हुई कार्रवाई के बाद हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और पुलिस कार्रवाई के खिलाफ नारेबाजी की।छात्र संगठनों ने कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं, जबकि पुलिस इसे कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया कदम बता रही है। दिल्ली पहुंचने से पहले ही प्रदर्शनकारियों को ट्रेनों से उतारकर रोके जाने की घटनाओं ने अब विरोध के अधिकार और एहतियाती पुलिस कार्रवाई के बीच संतुलन को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
