‘विकसित महाराष्ट्र 2047’ के लक्ष्य पर आधारित 7.69 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश

मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए 7,69,467 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया है। यह बजट “विकसित महाराष्ट्र 2047” के दीर्घकालीन लक्ष्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पात्र किसानों के लिए दो लाख रुपये तक की कर्जमाफी देने वाली ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होळकर किसान कर्जमाफी योजना’ की घोषणा की। इसके साथ ही नियमित रूप से कर्ज चुकाने वाले किसानों को 50 हजार रुपये प्रोत्साहन अनुदान देने का भी निर्णय लिया गया है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री फडणवीस ने विधान सभा में दोपहर 2 बजे बजट पेश करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह बजट प्रगतिशील, शाश्वत, सर्वसमावेशी और सुशासन जैसे चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित है। इन चार स्तंभों के अंतर्गत चार प्रमुख क्षेत्र और 16 उपक्षेत्रों के माध्यम से बजट की रूपरेखा तैयार की गई है।
कृषि क्षेत्र को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने बताया कि कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) तकनीक का उपयोग किया जाएगा। 10 से 15 प्रमुख फसलों के लिए एकीकृत मूल्य श्रृंखला विकसित करने की योजना बनाई गई है तथा उत्पादन लागत में 25 प्रतिशत तक कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में ‘एग्रीस्टैक’ और ‘महाविस्तार’ डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करीब 30 लाख किसान कर रहे हैं और इसे राज्य के सभी किसानों तक पहुंचाने का लक्ष्य है।
ऊर्जा, सिंचाई और बुनियादी ढांचे पर जोर
सरकार की मुख्यमंत्री सौर कृषि वाहिनी योजना के तहत अब तक 4000 मेगावाट क्षमता विकसित की जा चुकी है। इसे बढ़ाकर 13 से 14 हजार मेगावाट तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराई जा सकेगी। सिंचाई क्षेत्र में विभिन्न नदी-जोड़ परियोजनाओं के साथ सांगली–कोल्हापुर क्षेत्र के बाढ़ के पानी को सूखाग्रस्त क्षेत्रों की ओर मोड़ने की योजना है। इसके अलावा विश्व बैंक के सहयोग से छोटे शहरों में 6000 करोड़ रुपये की लागत से सीवरेज और वेस्ट वॉटर ट्रीटमेंट परियोजनाएं शुरू की जाएंगी।
महिलाओं के लिए योजनाएं जारी
मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण’ योजना आगे भी जारी रहेगी और इसके लिए पर्याप्त निधि उपलब्ध कराई गई है। अब तक 37 लाख महिलाओं को ‘लखपती दीदी’ बनाया जा चुका है, जबकि इस वर्ष 25 लाख और महिलाओं को इस श्रेणी में लाने का लक्ष्य रखा गया है।
युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार
राज्य में स्थापित किए जा रहे एज्युसिटी प्रकल्प में अब तक पांच अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय आ चुके हैं और सात अन्य विश्वविद्यालय आने की प्रक्रिया में हैं। इससे लगभग एक लाख विद्यार्थियों को शिक्षा का अवसर मिलेगा और विदेशों की तुलना में एक चौथाई खर्च में पढ़ाई संभव होगी। स्टार्टअप को प्रोत्साहन देने के लिए ‘फंड्स ऑफ फंड’ तैयार किया गया है और चयनित स्टार्टअप्स को 25 लाख रुपये तक के सरकारी काम सीधे दिए जाएंगे। इसके साथ ही 75 हजार नई नौकरियां सृजित करने की भी योजना है।
सामाजिक न्याय और आदिवासी विकास
अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के लिए बजट में बढ़ी हुई राशि का प्रावधान किया गया है। विद्यार्थियों के निर्वाह भत्ते में भी वृद्धि की गई है। आदिवासी युवाओं के स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए ‘बिरसा’ योजना शुरू की जाएगी। राज्य में वन क्षेत्र को 33 प्रतिशत तक बढ़ाने के लक्ष्य के साथ अगले सात वर्षों में 300 करोड़ वृक्षारोपण का मिशन चलाया जाएगा। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत
मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि राज्य का वित्तीय घाटा 2.60 प्रतिशत है, जो वित्तीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन कानून के तहत निर्धारित 3 प्रतिशत की सीमा से कम है। राजस्व घाटा 1 प्रतिशत से कम है और राज्य का कर्ज भी जीडीपी के 18.5 प्रतिशत तक नियंत्रित रखा गया है। महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था वर्तमान में 566 अरब डॉलर (करीब 51 लाख करोड़ रुपये) तक पहुंच चुकी है और राज्य का विकास दर 7.9 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत 7.3 प्रतिशत से अधिक है।
ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की दिशा में कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा विकास दर को देखते हुए महाराष्ट्र देश की पहली ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इस बजट में पूंजीगत खर्च में 21 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए इसे 1.12 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ाया गया है।
दूरदर्शी बजट : एकनाथ शिंदे
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि यह बजट “विकसित महाराष्ट्र 2047” के लक्ष्य की दिशा में मजबूत कदम है। उन्होंने बताया कि राज्य में 8 से 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक के बुनियादी ढांचा परियोजनाएं चल रही हैं और देश में सबसे अधिक इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रकल्प महाराष्ट्र में ही संचालित हो रहे हैं। किसानों के लिए कर्जमाफी और नियमित कर्ज चुकाने वालों को 50 हजार रुपये प्रोत्साहन अनुदान देने का निर्णय भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पर्यटन विकास के लिए सातारा जिले के वासोटा किले तक रोपवे बनाने की घोषणा भी की गई है, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
समावेशी विकास की दिशा में बजट : सुनेत्रा अजित पवार
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने कहा कि यह बजट समावेशी और संतुलित विकास को गति देने वाला है। उन्होंने कहा कि यह बजट दिवंगत नेता अजित पवार की विकास दृष्टि के अनुरूप है। उन्होंने बताया कि राज्य में पायाभूत सुविधाओं के लिए निधि में करीब 20 प्रतिशत की वृद्धि की गई है और दिव्यांगों के लिए जिला वार्षिक योजना से एक प्रतिशत निधि आरक्षित रखने का निर्णय भी लिया गया है। उन्होंने कहा कि ‘लखपती दीदी’ और ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण’ जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया गया है। सरकार का मानना है कि यह बजट किसानों, महिलाओं, युवाओं और आम नागरिकों के विकास को गति देने के साथ महाराष्ट्र को “विकसित महाराष्ट्र 2047” के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।




