प्लास्टिक पाइपों में छिपाकर गुजरात भेजी जा रही थी शराब, डोंबिवली में ₹7.22 लाख की खेप जब्त, तीन गिरफ्तार

कल्याण क्राइम ब्रांच यूनिट-3 की कार्रवाई, 7,920 सीलबंद बोतलें और 99 प्लास्टिक पाइप बरामद, दीव-दमन से शराब लाए जाने का संदेह


ठाणे। कल्याण क्राइम ब्रांच की यूनिट-3 ने डोंबिवली में अवैध शराब की कथित तस्करी का भंडाफोड़ करते हुए ₹7.22 लाख कीमत की 7,920 सीलबंद शराब की बोतलें जब्त की हैं। मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, शराब दीव-दमन से लाई गई थी और उसे प्लास्टिक पाइपों में छिपाकर गुजरात के राजकोट भेजने की तैयारी की जा रही थी। ठाणे पुलिस कमिश्नरेट क्षेत्र में अवैध शराब के खिलाफ चल रही कार्रवाई के दौरान मिली गुप्त सूचना के आधार पर यूनिट-3 की टीम ने डोंबिवली के खंबलपाड़ा इलाके में शेलार मैदान के पास स्थित एक टिन शेड पर छापा मारा। सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर अजीत शिंदे के मुताबिक, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर क्राइम ब्रांच की टीम कल्याण डिवीजन में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई कर रही थी। इसी दौरान मिली विशेष सूचना के आधार पर टीम टिन शेड तक पहुंची, जहां बड़ी मात्रा में शराब का स्टॉक मिला। तलाशी के दौरान अलग-अलग ब्रांड की 7,920 सीलबंद बोतलें बरामद की गईं। पुलिस जांच में सामने आया कि शराब की बोतलों को प्लास्टिक पाइपों के अंदर रखकर टेप से सील किया जा रहा था। पुलिस का कहना है कि शराब को छिपाकर गुजरात के राजकोट तक पहुंचाने और रास्ते में जांच से बचने के लिए यह तरीका अपनाया जा रहा था। पुलिस ने मौके से 99 प्लास्टिक पाइप भी जब्त किए हैं, जिनका इस्तेमाल शराब की बोतलों को छिपाने और पैक करने के लिए किया जा रहा था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हिरेन शंकरभाई बकर उर्फ भानुशाली (30), मनीष पुरुषोत्तम धुकर (40) और विपुल रामकृष्ण शुक्ला (22) के रूप में हुई है। तीनों गोकुलधाम सोसाइटी, नवनीत नगर, देसलेपाड़ा, डोंबिवली पूर्व के रहने वाले बताए गए हैं। इस मामले में डोंबिवली के तिलकनगर पुलिस स्टेशन में महाराष्ट्र निषेध अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर गणेश दलवी मामले की आगे की जांच कर रहे हैं। क्राइम ब्रांच अब शराब की पूरी सप्लाई चेन और इसके पीछे मौजूद मुख्य सप्लायर का पता लगाने में जुटी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि शराब को गुजरात तक पहुंचाने के नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा इसके लिए किस रास्ते का इस्तेमाल किया जाना था।

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