बांगरमऊ समाधान दिवस में जमीन विवादों की भरमार, 123 शिकायतों में सिर्फ 4 का मौके पर निस्तारण
कब्जा, चकबंदी, फसल और राजस्व से जुड़े मामले छाए, वृद्ध को मृत दिखाकर पेंशन बंद करने का आरोप, अधिवक्ताओं ने भी सौंपा ज्ञापन

उन्नाव, उत्तर प्रदेश। तहसील सभागार में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जमीन और राजस्व से जुड़े विवादों की भरमार रही। एडीएम सुशील कुमार और एसपी जयप्रकाश सिंह ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं। अधिकांश शिकायतें भूमि पर कब्जा, चकबंदी, फसल और राजस्व से संबंधित रहीं। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को शिकायतों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। दरगाह शरीफ निवासी मोहम्मद शरीफ ने बताया कि ग्राम जिरिकपुर में उसकी भूमि है, लेकिन चकबंदी के बाद उसका चक कहां बना, इसकी जानकारी नहीं है। उसने अपनी जोत की जमीन पर कुछ लोगों द्वारा कब्जा किए जाने की शिकायत की। एडीएम ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया। सुल्तानपुर निवासी सूर्यकांत ने पड़ोसी की जर्जर दीवार से जान-माल का खतरा बताते हुए शिकायत की कि विरोध करने पर उसके साथ गाली-गलौज की जाती है। उसका कहना था कि इससे पहले एसडीएम और लेखपाल को भी प्रार्थना पत्र दिया गया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। गाजीपुर निवासी रामरति ने बताया कि वर्ष 2025 में सड़क हादसे में उसके बेटे की मौत हो गई थी। कृषक दुर्घटना बीमा के लिए उसका आवेदन स्वीकृत होने के बावजूद अब तक सहायता राशि नहीं मिली है। एडीएम ने एसडीएम को मामले की जांच के निर्देश दिए। अलौलापुर निवासी अमित कुमार ने विवादित भूमि पर फसल कुर्क करने के आदेश के बावजूद जबरन बुवाई किए जाने का आरोप लगाया। वहीं टांडा सातन निवासी भोला प्रसाद ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सुविधा शुल्क नहीं देने के कारण उसे मृत दिखाकर वृद्धावस्था पेंशन बंद कर दी गई। एडीएम ने मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया। पपरिया खेड़ा निवासी प्रियंका ने शिकायत की कि 11 अगस्त को नशे की हालत में आए एक युवक ने उसकी दुकान पर गाली-गलौज की और कार को क्षतिग्रस्त कर दिया। राजेपुर चौकी और थाने में शिकायत करने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। इस पर एसपी जयप्रकाश सिंह ने जांच के निर्देश दिए। सहरिया सलेमपुर निवासी कैलाश और गोवर्धन ने बाढ़ राहत की राशि पात्र लोगों के बजाय अपात्रों को दिए जाने का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की। इस दौरान बार एसोसिएशन अध्यक्ष रामभरोसे वर्मा के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने एडीएम को ज्ञापन सौंपा। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि उपनिबंधक कार्यालय से आने वाली दाखिल-खारिज पत्रावलियों को धन नहीं देने पर निरस्त किया जा रहा है। उन्होंने पूरे मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की। संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 123 शिकायतें पहुंचीं, जिनमें से सिर्फ 4 शिकायतों का मौके पर निस्तारण हो सका। शेष मामलों को संबंधित विभागों को जांच और कार्रवाई के लिए भेजा गया। इस दौरान एसडीएम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और प्रतिनिधि मौजूद रहे।
