एयरपोर्ट मेट्रो के पास ₹37.17 करोड़ की केटामाइन जब्त, अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट का पर्दाफाश
फरसान-चिवड़े के पैकेट में छिपाकर विदेश भेजी जा रही थी ड्रग्स, दो आरोपी गिरफ्तार, करीब ₹100 करोड़ की खेप विदेश भेजे जाने का पुलिस को संदेह

इंद्र यादव/मुंबई। मुंबई की MIDC पुलिस ने अंधेरी पूर्व में एयरपोर्ट मेट्रो स्टेशन के पास बड़ी कार्रवाई करते हुए कथित अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने 12.39 किलोग्राम केटामाइन जब्त की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब ₹37.17 करोड़ बताई गई है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, 24 और 25 सितंबर की दरमियानी रात अंधेरी-कुर्ला रोड पर दो व्यक्ति ट्रैवल बैग लेकर जा रहे थे। पुलिस टीम को देखकर दोनों ने कथित तौर पर भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अदनान अहमद नियाज अहमद सिद्दीकी (35), निवासी माझगांव और सऊद मुश्ताक मनियार (29), निवासी गिरगांव के रूप में हुई है। दोनों के ट्रैवल बैग की तलाशी लेने पर पुलिस को फरसान और चिवड़े के पैकेट मिले। जांच करने पर कथित तौर पर एल्युमीनियम फॉयल वाले इन पैकेटों के भीतर केटामाइन छिपाकर रखी गई थी। पुलिस को संदेह है कि इस तरीके का इस्तेमाल जांच एजेंसियों और स्कैनिंग व्यवस्था से बचने के लिए किया जा रहा था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सिंडिकेट कथित तौर पर फार्मा कंपनियों से केटामाइन हासिल करने के बाद उसे हवाई मार्ग से थाईलैंड, इंडोनेशिया, म्यांमार और मलेशिया जैसे देशों में भेजता था। इसके लिए हवाई यात्रा करने वाले कूरियर और अन्य लोगों का इस्तेमाल किए जाने का संदेह है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े लोगों और केटामाइन के वास्तविक स्रोत का पता लगाने में जुटी है। जांच में पुलिस को यह भी संदेह है कि यह नेटवर्क अब तक करीब ₹100 करोड़ मूल्य की ड्रग्स विदेश भेज चुका है। हालांकि, सिंडिकेट के पूरे कारोबार और विदेश भेजी गई वास्तविक मात्रा का खुलासा विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगा। MIDC पुलिस स्टेशन में दोनों आरोपियों के खिलाफ NDPS Act, 1985 की धारा 8(c), 22(c) और 29 के तहत FIR क्रमांक 1075/2026 दर्ज की गई है। पुलिस अब इस कथित अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के मुख्य संचालक, सप्लायर, कूरियर नेटवर्क और अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है। इस कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल केटामाइन के स्रोत और एयरपोर्ट तक पहुंचने वाले कथित नेटवर्क को लेकर खड़ा हो गया है। यदि जांच में फार्मा सप्लाई चेन से ड्रग्स हासिल करने की बात पुष्ट होती है तो यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि इतनी बड़ी मात्रा में नियंत्रित पदार्थ सिंडिकेट तक कैसे पहुंचा और इससे पहले कथित तौर पर विदेश भेजी गई खेप किस रास्ते से सुरक्षा जांच पार करती रही। फिलहाल MIDC पुलिस की कार्रवाई में दो आरोपी गिरफ्त में हैं, लेकिन जांच का दायरा अब कथित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की पूरी श्रृंखला तक पहुंचने की ओर बढ़ रहा है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि केटामाइन कहां से आती थी, इसे पैक कौन करता था, कूरियर कौन उपलब्ध कराता था और विदेशों में इसकी डिलीवरी किसके पास होती थी।
