त्योहारों से पहले झांसी की सड़कें हों गड्ढामुक्त, देरी हुई तो तय होगी अधिकारियों की जवाबदेही: डीएम गौरांग राठी
सड़क मरम्मत और पैचवर्क की समयसीमा तय, काम की ‘Before-After’ तस्वीरें WhatsApp ग्रुप पर होंगी साझा, डीएम खुद करेंगे औचक निरीक्षण

झांसी, उत्तर प्रदेश। जिलाधिकारी गौरांग राठी ने कलेक्ट्रेट के नवीन सभागार में मंगलवार देर शाम जिले में सड़कों की मरम्मत, पैचवर्क और नवीनीकरण कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को आगामी त्योहारों से पहले सड़कों को पूरी तरह गड्ढामुक्त कर सुगम आवागमन के लिए तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित समयसीमा में काम पूरा नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। बैठक में लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड, लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड-3, नगर निगम, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद, मंडी विभाग, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को अपने निर्धारित लक्ष्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि सड़कों को ‘पॉथोल-फ्री’ यानी गड्ढामुक्त बनाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। नगर क्षेत्र की सड़कों की समीक्षा के दौरान डीएम ने नगर निगम सीमा में जल निगम द्वारा पाइपलाइन बिछाने के दौरान प्रभावित 97 किलोमीटर सड़कों के जीर्णोद्धार के लिए टीम गठित करने के निर्देश दिए। अगले 4 से 7 दिनों में स्थिति का सत्यापन किया जाएगा। जल निगम समय पर काम पूरा नहीं करता है तो नगर निगम स्वयं सड़कों को गड्ढामुक्त करेगा और इस पर आने वाला खर्च जल निगम से वसूला जाएगा। जल निगम को अगले 10 दिनों में 27 किलोमीटर सड़क गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य दिया गया है। लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड को कुल 210 किलोमीटर सड़क गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य दिया गया है। इसमें 15 किलोमीटर स्टेट हाईवे, 7 किलोमीटर गोसरा-टीकमगढ़ प्रमुख जिला मार्ग तथा 91.27 किलोमीटर अन्य जिला मार्ग शामिल हैं। इनमें मोती-कटरा-लेहचुरा मार्ग तथा झांसी-ग्वालियर मार्ग से परिक्षा-व्यापालन मार्ग भी शामिल हैं। स्टेट हाईवे और प्रमुख जिला मार्ग का काम 10 अक्टूबर, जबकि अन्य जिला मार्गों का काम 20 अक्टूबर तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड-3 को 248 किलोमीटर सड़क गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य दिया गया है। इसमें 3 किलोमीटर स्टेट हाईवे, 8 किलोमीटर प्रमुख जिला मार्ग के अलावा मोंठ-समथर मार्ग 16 किलोमीटर, गुरसराय-कोटरा मार्ग 15 किलोमीटर और बेदोरा मार्ग की 16 किलोमीटर सड़क शामिल है। इन कार्यों को 20 अक्टूबर तक पूरा करने के निर्देश दिए गए। डीएम ने कहा कि वे स्वयं औचक भौतिक सत्यापन करेंगे और गुणवत्ता में कमी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 175 किलोमीटर लंबी 25 सड़कों में 37 किलोमीटर क्षेत्र का पैच मरम्मत कार्य लंबित पाया गया। जिलाधिकारी ने इसे हर हाल में 15 अक्टूबर तक पूरा करने का लक्ष्य दिया और अधिकारियों को बताया कि कार्यों की प्रतिदिन निगरानी की जाएगी। उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद को नगर निगम से प्राप्त दो सड़कों, जिनकी कुल लंबाई 3.5 किलोमीटर है, पर शेष ब्लैकटॉप कार्य अगले 10 दिनों में पूरा करने को कहा गया। इनमें NH-27 से मेरी रोड 1.5 किलोमीटर और लहर की देवी मार्ग 2 किलोमीटर शामिल हैं। मंडी विभाग की 80 सड़कों के लक्ष्य के सापेक्ष 23 सड़कों पर पैच मरम्मत की योजना है। डीएम ने निर्देश दिए कि अत्यधिक क्षतिग्रस्त अथवा पुरानी हो चुकी सड़कों को लोक निर्माण विभाग को हस्तांतरित करने के लिए तीन दिनों के भीतर प्रस्ताव तैयार किया जाए, ताकि उनकी मरम्मत कर आवागमन के लिए सुरक्षित बनाया जा सके। राष्ट्रीय राजमार्ग की स्थिति पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को मेडिकल क्षेत्र की सड़क पर त्योहारों से पहले तत्काल मेटलिंग कार्य पूरा कर यातायात सुगम बनाने के निर्देश दिए। सड़क मरम्मत के काम की डे-टू-डे मॉनिटरिंग के लिए सभी विभागों का एक WhatsApp ग्रुप बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं। सभी अधिशासी अभियंताओं और विभागाध्यक्षों को कार्य शुरू होने से पहले और पूरा होने के बाद की ‘Before’ और ‘After’ तस्वीरें तथा प्रगति रिपोर्ट ग्रुप पर साझा करनी होगी। डीएम गौरांग राठी ने कड़े निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी स्थिति में त्योहारों से पहले निर्धारित कार्य पूरे होने चाहिए। देरी होने पर संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। कार्यों की प्रगति की निगरानी WhatsApp ग्रुप के साथ भौतिक सत्यापन के जरिए भी लगातार की जाएगी। बैठक में जिले के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
