
मुंबई। पुणे में मिथेनॉलयुक्त जहरीली देसी शराब पीने से हुई 22 लोगों की मौत के मामले में महाराष्ट्र सरकार ने कड़ी कार्रवाई करते हुए जांच राज्य अपराध अन्वेषण विभाग (सीआईडी) को सौंप दी है। मामले में जिम्मेदार अधिकारियों को निलंबित किया गया है, जबकि अवैध शराब और मादक पदार्थों के खिलाफ राज्यव्यापी विशेष अभियान चलाकर हजारों मामलों में कार्रवाई की गई है। यह जानकारी सार्वजनिक निर्माण मंत्री शिवेंद्रसिंहराजे: भोसले ने विधान परिषद में दी। शुक्रवार को मंत्री शिवेंद्रसिंहराजे भोसले ने बताया कि पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस आयुक्तालय के दापोडी थाना क्षेत्र के संजयनगर और फुगेवाड़ी तथा पुणे शहर पुलिस आयुक्तालय के हडपसर थाना क्षेत्र में मिथेनॉलयुक्त देसी शराब के सेवन से कुल 22 लोगों की मौत हुई थी। इस मामले में दापोडी और हडपसर पुलिस थानों में अपराध दर्ज किए गए हैं तथा जांच के दौरान 17 आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच राज्य अपराध अन्वेषण विभाग (सीआईडी) को सौंप दी गई है। उन्होंने बताया कि इस घटना के लिए जिम्मेदार पाए गए राज्य उत्पाद शुल्क विभाग तथा पुलिस विभाग के संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। मंत्री भोसले ने कहा कि घटना के बाद पूरे राज्य में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और तस्करी के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया। 28 मई से 30 जून 2026 के बीच कुल 4,457 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 3,341 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया तथा करीब 10.98 करोड़ रुपये का अवैध माल जब्त किया गया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने मादक पदार्थों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है। युवाओं को नशे से बचाने के लिए लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी अभियान के तहत छत्रपति संभाजीनगर में राज्य उत्पाद शुल्क विभाग की उड़नदस्ता टीम ने करमाड क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए 9 किलोग्राम गांजा बरामद किया। इस कार्रवाई में गांजे के साथ वाहन सहित 10.53 लाख रुपये का माल जब्त किया गया और एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। मामले की आगे की जांच जारी है।



