
मुंबई। राज्य के नागरिकों और जरूरतमंद मरीजों को चिकित्सा उपचार के लिए अधिक प्रभावी और सुलभ आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने केंद्र और राज्य की विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के लिए एकीकृत प्रबंधन प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को सह्याद्री अतिथिगृह में आयोजित समीक्षा बैठक में ‘मुख्यमंत्री शासकीय योजना सहायता एवं समन्वय कक्ष’ के कार्यों की समीक्षा की गई। इस दौरान मित्रा (महाराष्ट्र इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मेशन) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रवीण परदेशी ने प्रस्तुति दी। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और अन्य संस्थाओं के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। राज्य में मुख्यमंत्री सहायता निधि, महात्मा फुले जन आरोग्य योजना, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, आयुष्मान भारत तथा निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल जैसी योजनाओं के तहत बड़ी संख्या में लाभार्थियों को सहायता मिल रही है। पिछले एक वर्ष में महात्मा फुले जन आरोग्य योजना के तहत 5 लाख 22 हजार और प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 2 लाख 18 हजार मरीजों के आवेदन प्राप्त हुए हैं। इन योजनाओं के माध्यम से अब तक लगभग 3,243 करोड़ रुपये की राशि वितरित की जा चुकी है। बैठक में अस्पतालों और लाभार्थियों के प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने तथा विभिन्न योजनाओं के एकीकरण के माध्यम से एक समग्र स्वास्थ्य लाभार्थी प्रबंधन प्रणाली विकसित करने पर जोर दिया गया। इस पहल के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक ‘वॉर रूम’ भी स्थापित किया गया है, जिससे योजनाओं के समन्वय और निगरानी को और मजबूत बनाया जा सके। सरकार का उद्देश्य है कि सभी पात्र मरीजों को समय पर और पारदर्शी तरीके से उपचार के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध हो सके।




