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‘बीमा सबके लिए’ अभियान को नई गति, IRDAI चेयरमैन अजय सेठ ने उपभोक्ता जागरूकता कॉमिक बुक श्रृंखला का किया अनावरण

मुंबई। देश में बीमा साक्षरता बढ़ाने और ‘बीमा सबके लिए’ (Insurance for All) के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए भारतीय बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDAI) के अध्यक्ष अजय सेठ ने मंगलवार को उपभोक्ता जागरूकता कॉमिक बुक श्रृंखला का अनावरण किया। इस अवसर पर जीवन बीमा उद्योग के प्रमुख संस्थानों के प्रतिनिधि एक मंच पर आए और देशभर में जीवन बीमा के प्रति जागरूकता, समझ और स्वीकार्यता बढ़ाने का सामूहिक संकल्प लिया। राष्ट्रीय बीमा जागरूकता दिवस के अवसर पर शुरू की गई यह पहल उपभोक्ताओं को जीवन बीमा की जटिल अवधारणाओं को सरल भाषा और रोचक कहानियों के माध्यम से समझाने के उद्देश्य से तैयार की गई है। इस कॉमिक बुक श्रृंखला में Married Women’s Property Act (MWP), Waiver of Premium (WoP) तथा Critical Illness Rider जैसी महत्वपूर्ण बीमा अवधारणाओं को तकनीकी भाषा के बजाय रोजमर्रा के जीवन से जुड़े उदाहरणों के माध्यम से समझाया गया है। कॉमिक श्रृंखला की मुख्य पात्र ‘सुप्रिया’, एक युवा जीवन बीमा सलाहकार है, जिसकी वास्तविक जीवन से प्रेरित कहानियों के माध्यम से यह बताया गया है कि समय पर लिए गए वित्तीय निर्णय भविष्य की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने में कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस पहल का उद्देश्य केवल बीमा उत्पादों की जानकारी देना नहीं, बल्कि लोगों को सोच-समझकर वित्तीय निर्णय लेने के लिए प्रेरित करना भी है।
परिवारों की आर्थिक सुरक्षा को मिलेगी मजबूती
इस अवसर पर आईएसी-लाइफ (IAC-Life) के अध्यक्ष कमलेश राव ने कहा कि भारत की आर्थिक प्रगति को मजबूत बनाने के लिए प्रत्येक परिवार की वित्तीय सुरक्षा आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ‘बीमा सबके लिए’ केवल बीमा कवरेज बढ़ाने का अभियान नहीं, बल्कि प्रत्येक भारतीय परिवार की वित्तीय योजना में सुरक्षा को एक अनिवार्य हिस्सा बनाने की परिवर्तनकारी पहल है। उन्होंने कहा कि जीवन बीमा परिवारों को आर्थिक आत्मविश्वास प्रदान करता है और भविष्य की अनिश्चितताओं से सुरक्षा देता है। आईआरडीएआई द्वारा जारी यह कॉमिक बुक श्रृंखला लोगों तक बीमा का महत्व सरल और प्रभावी तरीके से पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। कमलेश राव ने पिछले एक वर्ष के दौरान “बीमा सबसे पहले” अभियान के दूसरे चरण सहित आईएसी-लाइफ द्वारा चलाए गए विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों की भी जानकारी दी और आने वाले वर्षों में बीमा साक्षरता को और व्यापक बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
जीवन बीमा विश्वास और सुरक्षा का वादा: आदित्य गुप्ता
लाइफ इंश्योरेंस काउंसिल के महासचिव आदित्य गुप्ता ने कहा कि जीवन बीमा केवल एक वित्तीय उत्पाद नहीं, बल्कि परिवारों के भविष्य की सुरक्षा का भरोसा है। उन्होंने कहा कि उद्योग ने बीमा की पहुंच बढ़ाने में उल्लेखनीय प्रगति की है, लेकिन अब आवश्यकता इस बात की है कि बीमा से जुड़ी जानकारी को और अधिक सरल, सहज और आम लोगों तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि कहानी आधारित यह कॉमिक श्रृंखला लोगों को बीमा के महत्व से जोड़ने का अभिनव माध्यम बनेगी तथा आईआरडीएआई और जीवन बीमा उद्योग उपभोक्ता जागरूकता बढ़ाने के लिए लगातार मिलकर कार्य करते रहेंगे। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने इस बात पर चिंता जताई कि बीमा क्षेत्र में लगातार वृद्धि के बावजूद देश के अनेक परिवार अब भी अप्रत्याशित परिस्थितियों में आर्थिक रूप से असुरक्षित हैं। उनका मानना था कि इस ‘प्रोटेक्शन गैप’ को कम करने के लिए बीमा की पहुंच बढ़ाने के साथ-साथ वित्तीय साक्षरता और जनजागरूकता को भी मजबूत करना आवश्यक है।
जीवन बीमा पर हुई विशेष पैनल चर्चा
इस अवसर पर ‘India Asks: Why Prioritize Life Insurance?’ विषय पर एक विशेष पैनल चर्चा भी आयोजित की गई। इसमें आईएसी-लाइफ के अध्यक्ष कमलेश राव, एलआईसी के प्रबंध निदेशक दोराईस्वामी, पीएनबी मेटलाइफ के एमडी एवं सीईओ समीर बंसल, इंडियाफर्स्ट लाइफ इंश्योरेंस के एमडी एवं सीईओ रुशभ गांधी तथा वरिष्ठ वित्तीय पत्रकार सोनिया शेनॉय शामिल हुए। चर्चा में जीवन बीमा की आवश्यकता, वित्तीय सुरक्षा, उपभोक्ता जागरूकता और देशभर में बीमा कवरेज बढ़ाने के उपायों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
जीवन बीमा क्षेत्र में लगातार बढ़ रही भागीदारी
आईएसी-लाइफ ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान जीवन बीमा उद्योग ने नए व्यवसाय प्रीमियम (NBP) में 15.7 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की। इस अवधि में 2.83 करोड़ से अधिक नई जीवन बीमा पॉलिसियां जारी की गईं, जो उपभोक्ताओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाती हैं। हालांकि उद्योग की वृद्धि मजबूत रही है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में बीमा की पैठ अभी भी देश की आर्थिक वृद्धि और जनसंख्या के अनुपात में अपेक्षाकृत कम है। इसलिए प्रत्येक भारतीय परिवार तक जीवन बीमा की सुरक्षा पहुंचाने के लिए जागरूकता, विश्वास निर्माण और वित्तीय शिक्षा को और अधिक मजबूत करना आवश्यक होगा। इस पहल के माध्यम से आईआरडीएआई, लाइफ इंश्योरेंस काउंसिल और जीवन बीमा उद्योग ने यह संदेश दिया कि ‘बीमा सबके लिए’ केवल एक अभियान नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक परिवार को आर्थिक रूप से सुरक्षित और सशक्त बनाने का राष्ट्रीय संकल्प है।

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