
पालघर। पालघर जिले के विरार में 19 मंजिला इमारत की चौथी मंजिल से गिरकर चार साल की बच्ची की मौत की चौंकाने वाली घटना घटी है। मृतक मासूम का नाम दर्शिनी सुरेश जयलायं है। लाडली की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। हालाँकि, उनके माता-पिता ने अपनी बेटी की आँखें दान करके का साहसिक निर्णय लिया। विरार पश्चिम में वाईके नगर इलाके में बछराज लाइफस्पेस टावर में बच्ची अपने माता-पिता के साथ रहती थी। मंगलवार सुबह करीब 8.15 बजे वह चौथी मंजिल पर स्थित अपने फ्लैट के बेडरूम की खिड़की से गिर गयी। घटना के समय दर्शिनी घर पर अकेली थी। दरअसल उसकी मां स्कूटर से दर्शिनी के पिता को विरार रेलवे स्टेशन छोड़ने गई थी। विरार पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि बच्ची का परिवार इमारत की चौथी मंजिल पर किराए के फ्लैट में रहता है। अधिकारी ने बताया कि सुबह जब बच्ची सो रही थी तब उसकी मां उसके पिता को स्कूटर से स्टेशन छोड़ने गई थी। इस बीच बच्ची की नींद खुल गयी और वह अपनी मां को आसपास न देख कर उसने बेडरूम की खिड़की से बाहर झांका और नीचे गिर गई।
पुलिस ने शुरू की जांच
अधिकारी ने बताया कि बाद में बच्ची को जमीन पर खून से लथपथ हालत में पड़े देखा गया। तत्काल उसे पास के अस्पताल ले गया, जहां डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया। विरार पुलिस ने दुर्घटनावश मौत (एडीआर) का मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच कर रही है।
पिता ने बताया कैसे हुआ हादसा
दर्शिनी के पिता सुरेश ने बताया कि बच्ची उनकी इकलौती संतान थी। उन्होंने कहा मैं कुर्ला में एक कंसल्टेंसी फर्म में काम करता हूं और रोजाना सुबह 7.56 बजे की एसी लोकल विरार स्टेशन से पकड़ता हूं। हमारे घर से 10-15 मिनट की दूरी पर स्टेशन है। इसलिए मेरी पत्नी मुझे स्कूटी से स्टेशन छोडती है। पहले हम अपनी बेटी को अपने साथ स्कूटी पर स्टेशन ले जाते थे, लेकिन कुछ दिन पहले एक ऑटोरिक्शा से एक्सीडेंट हो गया और वह गिर गई। इस वजह से हम उसे साथ नहीं ले जाते थे और इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर पैसेज एरिया में एक सोफे पर उसे सुला देते थे। जहाँ सोसाइटी के सुरक्षा गार्ड उस पर नज़र रखते थे। मंगलवार की सुबह मेरी बेटी गहरी नींद में सो रही थी इसलिए हम उसे लेकर नीचे नहीं गए। हमने उसकी आंखें दान करने का फैसला किया है




