भारत की ऊर्जा क्षमता 552 गीगावाट पहुंची, गैर-जीवाश्म स्रोतों की हिस्सेदारी 50% के पार

G20 बैठक में मनोहर लाल ने रखा भारत का ऊर्जा रोडमैप; अमेरिका से AI, डेटा सेंटर और परमाणु ऊर्जा, कनाडा से अपतटीय अन्वेषण पर चर्चा

ह्यूस्टन/नई दिल्ली। केंद्रीय विद्युत, आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि भारत सुरक्षित, टिकाऊ और किफायती ऊर्जा व्यवस्था तैयार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश की स्थापित विद्युत क्षमता 552 गीगावाट तक पहुंच गई है और इसमें गैर-जीवाश्म ऊर्जा स्रोतों की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण, परमाणु ऊर्जा और स्वच्छ खाना पकाने की सुविधाओं के क्षेत्र में भी भारत ने महत्वपूर्ण प्रगति की है। मनोहर लाल ने 15 सितंबर को अमेरिका के ह्यूस्टन में आयोजित G20 ऊर्जा प्रचुरता कार्य समूह की बैठकों में हिस्सा लेते हुए भारत की ऊर्जा क्षेत्र की उपलब्धियों और भविष्य की रणनीति को सामने रखा। उन्होंने समूह-1 और समूह-2 की बैठकों में अपने विचार रखे तथा ऊर्जा सहयोग बढ़ाने के लिए अमेरिका और कनाडा के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी कीं। केंद्रीय मंत्री ने प्रौद्योगिकी-तटस्थ और समावेशी ऊर्जा मार्ग अपनाने पर जोर देते हुए अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA), वन सन वन वर्ल्ड वन ग्रिड (OSOWOG) और ग्लोबल बायोफ्यूल्स एलायंस जैसे मंचों के माध्यम से वैश्विक ऊर्जा सहयोग के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय एकल खिड़की प्रणाली, परिवेश और प्रधानमंत्री गति शक्ति जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए परियोजनाओं की मंजूरी प्रक्रिया को सरल बनाने और नियामक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने समय पर बुनियादी ढांचा विकसित करने के लिए कुशल अनुमति प्रक्रिया को महत्वपूर्ण बताते हुए क्षमता निर्माण और नियामक आधुनिकीकरण में G20 देशों के बीच अधिक सहयोग का आह्वान किया।
अमेरिका से AI और परमाणु ऊर्जा पर चर्चा
मनोहर लाल ने अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग और डेटा सेंटरों की बढ़ती बिजली जरूरतों के अनुरूप भारत के विद्युत बुनियादी ढांचे की तैयारियों पर चर्चा हुई। भारत की परमाणु ऊर्जा विस्तार योजना भी बातचीत का प्रमुख विषय रही। दोनों पक्षों ने स्वच्छ ऊर्जा, मजबूत ऊर्जा अवसंरचना और उभरती प्रौद्योगिकियों पर विशेष ध्यान देते हुए अमेरिका-भारत ऊर्जा सुरक्षा साझेदारी के तहत सहयोग की प्राथमिकताओं की पुष्टि की।
कनाडाई कंपनियों को भारत में निवेश का न्योता
केंद्रीय मंत्री ने कनाडा के ऊर्जा एवं प्राकृतिक संसाधन मंत्री के संसदीय सचिव कोरी होगन से भी मुलाकात की। दोनों के बीच ऊर्जा दक्षता, कम उत्सर्जन वाली प्रौद्योगिकियों और समुद्र मंथन योजना के तहत अपतटीय अन्वेषण में सहयोग की संभावनाओं पर बातचीत हुई। मनोहर लाल ने कनाडाई कंपनियों को भारत के तेजी से बढ़ते अन्वेषण एवं उत्पादन क्षेत्र में भागीदारी करने और उभरती ऊर्जा प्रौद्योगिकियों में निवेश एवं सहयोग बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत ऊर्जा स्रोतों में विविधता, स्वच्छ एवं विश्वसनीय बेसलोड क्षमता के विस्तार और नई प्रौद्योगिकियों को तेजी से अपनाकर अपनी ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ाते हुए ऐसी संतुलित और भविष्य के लिए तैयार ऊर्जा रणनीति पर आगे बढ़ता रहेगा, जिससे नागरिकों को सुरक्षित, टिकाऊ और किफायती ऊर्जा उपलब्ध कराने के साथ वैश्विक ऊर्जा स्थिरता में भी योगदान दिया जा सके।

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