चिट्ठी बांटने से आगे बढ़ा इंडिया पोस्ट, अब घर-घर पहुंचा रहा बैंकिंग और नागरिक सेवाएं
डाक कर्मचारी संगठनों ने बदलावों की सराहना कर प्रधानमंत्री मोदी को दिया धन्यवाद; डॉ. जितेंद्र सिंह बोले- अंतिम छोर तक सरकारी सेवाएं पहुंचाने में डाक नेटवर्क की अहम भूमिका

नई दिल्ली। देश का डाक नेटवर्क अब केवल चिट्ठियां और पार्सल पहुंचाने तक सीमित नहीं रहा है। आधार से जुड़ी सुविधाओं, पैन और पासपोर्ट सेवाओं से लेकर घर बैठे बैंकिंग तथा डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जैसी सुविधाओं के विस्तार के साथ इंडिया पोस्ट तेजी से आधुनिक नागरिक-केंद्रित सेवा नेटवर्क के रूप में विकसित हो रहा है। डाक विभाग के अखिल भारतीय कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने इस बदलाव की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। डाक कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात की। बैठक में इंडिया पोस्ट के परिवर्तन के साथ कर्मचारियों, कर्मचारी संगठनों और पेंशनभोगियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। प्रतिनिधियों ने बताया कि पिछले एक दशक में इंडिया पोस्ट की सेवाओं का दायरा काफी बढ़ा है। तेज डाक वितरण, आधार संबंधी सेवाओं और डाक नेटवर्क के जरिए पैन एवं पासपोर्ट सुविधाओं के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं पहुंचाने में भी इसकी भूमिका बढ़ी है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि इंडिया पोस्ट में आए बदलाव को डाकिए की बदलती भूमिका से समझा जा सकता है। कभी मुख्य रूप से पत्र पहुंचाने वाला डाकिया आज बैंकिंग और अन्य आवश्यक सेवाएं भी सीधे नागरिकों के दरवाजे तक पहुंचा रहा है। देशभर में फैला डाक नेटवर्क सरकार और नागरिकों के बीच अंतिम छोर तक संपर्क स्थापित करने का मजबूत माध्यम बन गया है। उन्होंने कहा कि इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक और डोरस्टेप बैंकिंग के विस्तार ने गांवों एवं घरों तक वित्तीय सेवाओं की पहुंच बढ़ाई है। पेंशनभोगियों के लिए डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जैसी सुविधाओं से भी आवश्यक सेवाएं अधिक सुलभ हुई हैं। केंद्रीय मंत्री ने कोविड-19 महामारी के दौरान डाक कर्मचारियों की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि लॉकडाउन के बावजूद डाक नेटवर्क ने आवश्यक सेवाएं जारी रखीं। डाककर्मियों ने लोगों के घरों तक नकदी और बैंकिंग सुविधाएं पहुंचाने के साथ आवश्यक चिकित्सा एवं सुरक्षा सामग्री की आवाजाही में भी योगदान दिया। डॉ. सिंह ने देशभर में फैले डाक विभाग के नेटवर्क को महत्वपूर्ण सार्वजनिक सेवा परिसंपत्ति बताते हुए कहा कि इसका सरकारी योजनाओं और नागरिक सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में और व्यापक उपयोग किया जा सकता है। बैठक में कर्मचारी संगठनों के सत्यापन एवं मान्यता, विभागीय मंचों में प्रतिनिधित्व, पेंशनभोगियों की समस्याओं और लंबे समय से लंबित सेवा संबंधी मामलों पर भी चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने कर्मचारियों की विभिन्न श्रेणियों और सेवा लाभों से जुड़े विषय केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखे। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि जिन मामलों में जांच अथवा परीक्षण की आवश्यकता है, उन पर संबंधित नियमों और वित्तीय प्रभावों को ध्यान में रखते हुए उचित प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत विचार किया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल ने कर्मचारी समस्याओं को सुनने और उन्हें सरकार के समक्ष रखने का अवसर देने के लिए केंद्रीय मंत्री का आभार व्यक्त किया।
