
मुंबई। महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने मुंबई स्थित लोकभवन में सोमवार को ‘युवा संगम’ कार्यक्रम के अंतर्गत आंध्र प्रदेश से आए छात्र प्रतिनिधिमंडल के साथ संवाद किया। भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, पुणे द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम केंद्र सरकार की ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ पहल का हिस्सा था। इस अवसर पर राज्यपाल ने छात्रों से संवाद करते हुए राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला और उन्हें जिम्मेदार, अनुशासित तथा सामाजिक रूप से जागरूक नागरिक बनने का आह्वान किया।
विविधता को अपनाने और सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का आह्वान
अपने संबोधन में राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने कहा कि भारत की विविधता उसकी सबसे बड़ी शक्ति है और युवाओं को विभिन्न संस्कृतियों, भाषाओं और परंपराओं को समझते हुए राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से विनम्रता, अनुशासन, परिश्रम और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने की अपील की। राज्यपाल ने कहा कि पेशेवर सफलता के साथ-साथ समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवाओं को अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज और देश के विकास के लिए करने का संदेश दिया।
शिक्षा, शोध और कौशल विकास को बताया भविष्य की कुंजी
राज्यपाल ने शिक्षा सुधार, कौशल विकास, अनुसंधान और स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रही प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के विकास में इन क्षेत्रों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने शिक्षा मंत्रालय तथा कार्यक्रम से जुड़ी सभी संस्थाओं की सराहना की और विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में केंद्रीय उच्च शिक्षा विभाग के उप सचिव श्रेयांस मोहन, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च पुणे के अधिकारी, शिक्षाविद्, शोधकर्ता तथा आंध्र प्रदेश से आए छात्र प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य विभिन्न राज्यों के युवाओं के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करना था।



