महाराष्ट्र के मेडिकल अधिकारियों की लंबित मांगों पर सरकार सकारात्मक, स्वास्थ्य मंत्री आबिटकर ने दिए भुगतान के निर्देश
पांच साल से लंबित नॉन-प्रैक्टिसिंग भत्ता जल्द देने के निर्देश; वेतन, सेवा समावेशन और करियर प्रोग्रेशन योजना पर भी हुई चर्चा

मुंबई। महाराष्ट्र के सरकारी चिकित्सा अधिकारियों और संविदा कर्मचारियों के वेतन, सेवा समावेशन, निजी प्रैक्टिस नहीं करने के एवज में मिलने वाले भत्ते तथा डायनेमिक एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन योजना सहित विभिन्न लंबित मांगों पर राज्य सरकार ने सकारात्मक रुख जताया है। सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर ने महाराष्ट्र राज्य राजपत्रित चिकित्सा अधिकारी संगठन (MAGMO) के प्रतिनिधिमंडल को इन मांगों पर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया। बुधवार को स्वास्थ्य भवन में चिकित्सा अधिकारियों की विभिन्न सेवा संबंधी मांगों को लेकर आयोजित बैठक में स्वास्थ्य विभाग के आयुक्त डॉ. संजय काटकर, MAGMO के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. संदीप गेडाम, कार्यकारी अध्यक्ष मनोज खोमणे सहित संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री आबिटकर ने विभागीय उपनिदेशकों को निर्देश दिया कि चिकित्सा अधिकारियों और संविदा कर्मचारियों के लंबित भुगतान से जुड़े प्रत्येक मामले की नियमित समीक्षा की जाए। जो राशि देय है, उसका भुगतान तत्काल सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से पिछले पांच वर्षों से लंबित निजी प्रैक्टिस नहीं करने के एवज में मिलने वाले भत्ते (Non-Practicing Allowance) का मुद्दा उठाते हुए अधिकारियों को इसे जल्द से जल्द पात्र चिकित्सा अधिकारियों को देने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि लंबे समय तक सेवा देने के बावजूद कई अधिकारी चिकित्सा अधिकारी के पद से ही सेवानिवृत्त हो जाते हैं। ऐसे अधिकारियों को पदोन्नति का न्यायसंगत अवसर मिलना आवश्यक है। इसके लिए पात्रता, अनुभव, कार्यक्षमता और प्रशासनिक जरूरतों के बीच संतुलन बनाते हुए पारदर्शी पदोन्नति व्यवस्था तैयार करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा चिकित्सा अधिकारियों के स्थापना एवं सेवा संबंधी सभी लंबित मुद्दों पर MAGMO के प्रतिनिधियों के साथ अलग से बैठक आयोजित कर समाधान निकालने को कहा गया। सरकार ने वेतन, सेवा समावेशन और करियर प्रगति से जुड़े मुद्दों पर भी सकारात्मक तरीके से विचार करने का आश्वासन दिया है।
