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SRA/PAP फ्लैट दिलाने के नाम पर ₹5.57 करोड़ की ठगी, 47 लोगों से करोड़ों रुपये की हुई ठगी

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2017 से 2026 तक चला ठगी का खेल, निर्मल नगर पुलिस ने दर्ज की एफआईआर, अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं

SRA के नकली लेटर और मुहर से रचा गया करोड़ों का खेल

मुंबई। मुंबई में झोपडपट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण (SRA) एवं प्रोजेक्ट अफेक्टेड पर्सन (PAP) फ्लैट दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। निर्मल नगर पुलिस थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार, चार आरोपियों ने सरकारी आवास योजना के तहत कम कीमत पर फ्लैट दिलाने का झांसा देकर 47 लोगों से ₹5 करोड़ 57 लाख 50 हजार की राशि ली। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एफआईआर के अनुसार शिकायतकर्ता आकाश राधेश्याम सोनी (42), निवासी वाकोला, सांताक्रूज (पूर्व), प्रॉपर्टी व्यवसाय से जुड़े हैं। उन्होंने अपने साझेदार के साथ आस्था प्रॉपर्टीज नाम से फर्म शुरू की थी। इसी दौरान उनकी मुलाकात रूपेश बेलणेकर से हुई, जिसने उन्हें शैलेश काकण से मिलवाया। शिकायत में कहा गया है कि शैलेश काकण ने SRA विभाग के अधिकारियों से संबंध होने का दावा करते हुए सरकारी PAP फ्लैट दिलाने का भरोसा दिया। एफआईआर में बताया गया है कि अंधेरी, बांद्रा, सांताक्रूज, कांदिवली और माटुंगा सहित विभिन्न क्षेत्रों में SRA/PAP फ्लैट उपलब्ध कराने की बात कही गई। फ्लैटों की कीमत तय की गई और कब्जा पत्र, एनेक्सर-2, SRA आदेश तथा अन्य सरकारी दस्तावेज उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया। इसी भरोसे पर शिकायतकर्ता ने अपने ग्राहकों से धन एकत्र किया।
सरकारी घर का सपना दिखाकर 47 लोगों से ₹5.57 करोड़ जुटाए
एफआईआर के अनुसार, सरकारी घर दिलाने का सपना दिखाकर लोगों का विश्वास जीता गया। कम कीमत में सरकारी फ्लैट मिलने की उम्मीद में 47 लोगों ने लगभग ₹5 करोड़ 57 लाख 50 हजार की राशि अलग-अलग समय पर जमा कराई। शिकायत में कहा गया है कि वर्षों तक फ्लैट देने का आश्वासन दिया जाता रहा, लेकिन किसी को फ्लैट नहीं मिला और न ही राशि वापस की गई। जब लोगों ने अपने पैसे मांगे तो उन्हें टालमटोल किया गया। इसके बाद पीड़ितों ने निर्मल नगर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। एफआईआर के मुताबिक वर्ष 2017 से 2022 के बीच बैंक ट्रांसफर, आरटीजीएस, एनईएफटी, चेक और नकद के माध्यम से बड़ी रकम आरोपियों को दी गई। शिकायत में आरोप है कि शैलेश काकण के खाते में लगभग ₹3.37 करोड़, नरेश घाग को ₹21 लाख, हेगड़े को ₹28 लाख, अभिषेक गुजर को ₹10 लाख, दिशना कुबल को ₹5 लाख, श्रद्धा मिश्री को ₹5 लाख तथा रूपेश बेलणेकर को ₹2.50 लाख का भुगतान किया गया। शिकायतकर्ता ने यह भी कहा है कि आरोपियों ने SRA से जुड़े कई दस्तावेज उपलब्ध कराए, जिनकी बाद में जांच करने पर सत्यता संदिग्ध पाई गई। शिकायत के अनुसार उन्हें SRA के लेटरहेड, हस्ताक्षर और मुहर वाले दस्तावेज दिए गए।
चार आरोपी नामजद, पुलिस जांच में जुटी
एफआईआर में शैलेश काकण, रूपेश बेलणेकर, अभिषेक गुजर और विश्वनाथ जाधव को आरोपी बनाया गया है। निर्मल नगर पुलिस ने 31 जुलाई 2026 को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं 3(5), 318(4), 336(2), 336(3), 338 और 340(2) के तहत मामला दर्ज किया है। एफआईआर के अनुसार अपराध की अवधि 12 दिसंबर 2017 से 30 जुलाई 2026 तक की बताई गई है। पुलिस बैंक खातों में हुए लेन-देन, दस्तावेजों की वैधता, SRA रिकॉर्ड तथा आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। जांच के दौरान यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं तथा पीड़ितों की संख्या इससे अधिक है या नहीं।
निर्मल नगर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अजय कुलकर्णी ने बताया कि मामले की जांच जारी है और अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि यह मामला काफी व्यापक है तथा इससे संबंधित बड़ी संख्या में दस्तावेज, बैंक लेन-देन और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। सभी दस्तावेजों का गहन परीक्षण और तथ्यों के सत्यापन के बाद कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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