
देवेश प्रताप सिंह राठौर/झांसी, उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा-2026 के सफल, निष्पक्ष, पारदर्शी एवं सुरक्षित संचालन के लिए इस वर्ष विश्वविद्यालय प्रशासन ने अत्याधुनिक तकनीक आधारित हाईटेक सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था लागू की है। प्रदेश के 72 जनपदों में आयोजित होने वाली इस परीक्षा के लिए कुल 1011 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां लगभग 4.45 लाख अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा संचालन की निगरानी एवं समन्वय के लिए विभिन्न जनपदों और शहरों में 170 विश्वविद्यालय प्रतिनिधियों की तैनाती की गई है।विश्वविद्यालय प्रशासन ने पहली बार सभी विश्वविद्यालय प्रतिनिधियों को अत्याधुनिक बॉडी वॉर्न कैमरे उपलब्ध कराए हैं। इन कैमरों में लाइव वीडियो स्ट्रीमिंग, ऑडियो रिकॉर्डिंग, टू-वे कम्युनिकेशन, जीपीएस आधारित लोकेशन ट्रैकिंग, इमरजेंसी एसओएस अलार्म तथा इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) से सीधा डिजिटल कनेक्शन जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।विश्वविद्यालय द्वारा स्थापित ICCC (Integrated Command and Control Centre) से प्रदेशभर में कार्यरत सभी टीमों की गतिविधियों की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी। यह नियंत्रण केंद्र परीक्षा प्रक्रिया के प्रत्येक चरण पर लगातार नजर रखेगा तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल दिशा-निर्देश भी जारी करेगा।विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार यह हाईटेक निगरानी व्यवस्था 31 मई 2026 को सुबह 4 बजे से सक्रिय हो जाएगी। विश्वविद्यालय प्रतिनिधियों के निर्धारित स्थानों के लिए रवाना होने से लेकर परीक्षा सामग्री प्राप्त करने, ट्रेजरी तक पहुंचने, प्रश्नपत्र एवं उत्तर पुस्तिकाओं को सुरक्षित रूप से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने, परीक्षा संचालन की निगरानी करने तथा परीक्षा समाप्ति के बाद सामग्री को पुनः सुरक्षित रूप से संग्रहित कर नियंत्रण कक्ष तक वापस पहुंचाने तक प्रत्येक गतिविधि की लाइव निगरानी की जाएगी। जीपीएस ट्रैकिंग प्रणाली के माध्यम से प्रतिनिधियों और वाहनों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी। यदि कोई वाहन निर्धारित मार्ग से भटकता है या कोई संदिग्ध गतिविधि सामने आती है, तो ICCC तुरंत अलर्ट जारी कर संबंधित टीम को निर्देश देगा। इससे परीक्षा सामग्री की सुरक्षा और समयबद्ध संचालन सुनिश्चित किया जा सकेगा।बॉडी वॉर्न कैमरों की मदद से परीक्षा केंद्रों पर होने वाली गतिविधियों की वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग भी की जाएगी। किसी विवाद, शिकायत, अनुचित गतिविधि, अव्यवस्था या परीक्षा नियमों के उल्लंघन की स्थिति में यह रिकॉर्डिंग महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में उपयोग की जा सकेगी। आवश्यकता पड़ने पर इन्हें न्यायिक और प्रशासनिक प्रक्रिया में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।कैमरों में मौजूद टू-वे कम्युनिकेशन सिस्टम के जरिए विश्वविद्यालय प्रतिनिधि सीधे ICCC से संपर्क स्थापित कर सकेंगे। किसी आपात स्थिति, सुरक्षा समस्या, तकनीकी बाधा या कानून-व्यवस्था की स्थिति में प्रतिनिधि तत्काल कंट्रोल रूम को सूचना देकर सहायता प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही इनमें एसओएस इमरजेंसी अलार्म सुविधा भी दी गई है, जिसके जरिए तुरंत अलर्ट जारी किया जा सकेगा।विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि यह तकनीकी व्यवस्था परीक्षा की सुरक्षा, गोपनीयता और पारदर्शिता को और अधिक मजबूत बनाएगी। आधुनिक तकनीक के इस उपयोग से मानवीय त्रुटियों की संभावना कम होगी और परीक्षा प्रक्रिया का संपूर्ण डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा।विश्वविद्यालय द्वारा लागू की गई यह हाईटेक व्यवस्था उत्तर प्रदेश संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा-2026 को देश की सबसे सुरक्षित और तकनीकी रूप से उन्नत परीक्षाओं में शामिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।



