ईमानदार ट्रैफिक PI के वसूलीबाज हवलदार! नागपाड़ा में ₹400 लेकर छोड़ी बाइक
महिला हवलदार सविता मेश्राम की मौजूदगी में हुई घटना, PI राजेश गायकवाड़ से नहीं हो सकी बात, महिला पुलिसकर्मी गायकवाड़ ने उठाया फोन

मुंबई। मुंबई ट्रैफिक पुलिस की छवि कुछ वसूलीबाज हवलदारों के चलते धूमिल हो रही है। घटना शनिवार शाम करीब 6.30 बजे की है। मुंबई सेंट्रल से महालक्ष्मी की तरफ आते समय सात रास्ता के सर्कल पर नागपाड़ा ट्रैफिक पुलिस के पांच से छह हवलदार मौजूद थे, जिनमें एक-दो हेड हवलदार और एक महिला हवलदार भी शामिल थीं। महिला हवलदार की नेम प्लेट दिखाई दे रही थी, जिस पर सविता मेश्राम नाम लिखा हुआ था, जबकि बाकी पुलिसकर्मियों ने मोबाइल रखकर अपनी नेम प्लेट छुपा रखे थे। एक हवलदार के पास आईफोन 17 और सैमसंग फोल्ड जैसे महंगे मोबाइल थे। उसने भी मोबाइल से अपनी नेम प्लेट छुपा रखी थी। इसी दौरान ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने सिग्नल जंप करने की बात कहते हुए एक टू-व्हीलर को रोका। चालक से लाइसेंस मांगा गया। लाइसेंस दिखाने के बाद गाड़ी का नंबर चेक किया गया और बताया गया कि वाहन पर करीब 13500 हजार रुपये का फाइन है, जिसे भरना होगा। उसी गाड़ी पर पीछे बैठे पत्रकार ने उनकी बातचीत सुनी। पत्रकार ने उतरकर अपना परिचय दिया और अनुरोध किया कि चालक के पास अभी इतनी रकम नहीं है, इसलिए फिलहाल 1,000 रुपये का फाइन ले लिया जाए। इसके बावजूद करीब 15 मिनट तक चालक को 1500 रुपए का फाइन भरने का दबाव बनाया जाता रहा। इसी बीच चालक हदी अली पीछे गए और एक पानी पूरी के ठेले वाले को 400 रुपये दिए। इसके बाद उन्होंने पत्रकार से कहा, “चलो, बात बन गई।” एक तरफ पत्रकार पुलिसकर्मियों से लगातार अनुरोध करते रहे, वहीं दूसरी तरफ हवलदारों की टोली ने 400 रुपये लेकर चालक को जाने दिया। इस पूरे घटनाक्रम ने सवाल खड़ा कर दिया है कि जब वाहन पर 13500 रुपये का फाइन बताया जा रहा था तो आखिर 400 रुपये लेकर उसे कैसे जाने दिया गया? ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने अपनी नेम प्लेट मोबाइल से क्यों छुपा रखी थी? इस संबंध में जब नागपाड़ा ट्रैफिक PI राजेश गायकवाड़ से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उनका फोन महिला पुलिसकर्मी गायकवाड़ ने उठाया। उन्होंने बताया कि सविता मेश्राम उनकी स्टाफ में हैं। हालांकि PI राजेश गायकवाड़ से सीधे बातचीत नहीं हो सकी। महिला पुलिसकर्मी ने बताया कि गणपति विसर्जन के चलते रात की ड्यूटी करने के बाद PI गायकवाड़ घर गए है और उनका फोन ट्रैफिक पुलिस स्टेशन में रखा हुआ है, जिसे उन्होंने उठाया। ऐसे में PI राजेश गायकवाड़ का पक्ष सामने नहीं आ सका। उनकी व्यक्तिगत ईमानदारी पर सवाल उठाना उचित नहीं होगा, लेकिन उनके अधीन फील्ड में तैनात हवलदारों की इस कार्यप्रणाली ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि PI राजेश गायकवाड़ इस मामले की जानकारी मिलने के बाद क्या कार्रवाई करते हैं। मुंबई ट्रैफिक पुलिस के मुखिया सह पुलिस आयुक्त सत्य नारायण चौधरी हैं। ऐसे में सवाल यह भी है कि मुंबई की सड़कों पर इस तरह की वसूली करने वाले पुलिसकर्मियों पर आखिर कब कार्रवाई होगी? क्या नागपाड़ा के सात रास्ता पर मौजूद CCTV फुटेज और उस समय ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की जांच की जाएगी? @MumbaiPolice @MTPHereToHelp @CPMumbaiPolice @DGPMaharashtra @Dev_Fadnavis #MumbaiTrafficPolice #MumbaiPolice #NagpadaTrafficPolice #MumbaiCentral #Mahalaxmi #SaatRasta #TrafficPolice #TrafficFine #TrafficChallan #PoliceAccountability #PoliceTransparency #NamePlate #TrafficEnforcement #MumbaiNews #MaharashtraNews #RoadSafety #CitizenRights #SwarnimPradesh
