मुंबई में फुटपाथों पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं, बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिडे ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
‘पैदल यात्री पहले’ अभियान के तहत 399 फुटपाथों से हटाए गए अतिक्रमण, 2,803 फेरीवालों और अवैध कब्जों पर कार्रवाई, 52,448 अवैध बैनर-पोस्टर भी हटाए गए

मुंबई। मुंबई में फुटपाथों पर बढ़ते अतिक्रमण और सार्वजनिक स्थानों पर अवैध विज्ञापन लगाने वालों के खिलाफ बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने कार्रवाई तेज कर दी है। शनिवार को महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिडे ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि फुटपाथ केवल पैदल यात्रियों की सुरक्षित और सुविधाजनक आवाजाही के लिए हैं। इन पर दुकानें, स्टॉल लगाने अथवा सामान रखकर रास्ता बाधित करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रखी जाए। आयुक्त अश्विनी भिडे ने वर्ली स्थित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में आयोजित बीएमसी के विभिन्न विभागों की मासिक समीक्षा बैठक के दौरान ये निर्देश दिए। बैठक में फुटपाथों से अतिक्रमण हटाने, अवैध विज्ञापन सामग्री के खिलाफ कार्रवाई, वायु प्रदूषण नियंत्रण और महानगरपालिका की प्रशासनिक व्यवस्था को डिजिटल बनाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की गई।
26 वार्डों में 399 फुटपाथों से हटाया गया अतिक्रमण
आयुक्त भिडे ने बताया कि बीएमसी के ‘पैदल यात्री पहले’ (Pedestrian First) अभियान के प्रथम चरण में मुंबई के सभी 26 प्रशासनिक विभागों के अंतर्गत 399 फुटपाथों से अतिक्रमण हटाया गया है। महानगरपालिका के अनुसार, इस अभियान के तहत लगभग 500 किलोमीटर लंबाई के सड़क मार्गों को पैदल यात्रियों की आवाजाही के लिए बाधामुक्त किया गया है। अब तक कुल 2,803 अतिक्रमणों और फेरीवालों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। यह कार्रवाई मुख्य रूप से अस्पतालों, स्कूलों, महाविद्यालयों, रेलवे स्टेशनों, बस स्टेशनों और अन्य सार्वजनिक स्थानों के आसपास की गई है, ताकि पैदल यात्रियों, विद्यार्थियों, मरीजों और आम नागरिकों को आवागमन में परेशानी न हो। आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई केवल एक बार तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। फुटपाथों पर दोबारा कब्जा करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाए।
मुंबई से 52,448 अवैध बैनर, फ्लेक्स और पोस्टर हटाए
मुंबई में सार्वजनिक स्थानों पर अवैध विज्ञापन सामग्री लगाने वालों के खिलाफ भी बीएमसी ने व्यापक अभियान चलाया है।
महानगरपालिका की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में मुंबई के विभिन्न हिस्सों से कुल 52,448 बैनर, फ्लेक्स और पोस्टर हटाए गए हैं। इसके अतिरिक्त 8 से 16 अक्टूबर 2026 के बीच चलाए गए नौ दिवसीय विशेष अभियान में पूरे मुंबई महानगर से 3,537 अनधिकृत विज्ञापन सामग्री जब्त की गई। आयुक्त अश्विनी भिडे ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर अनधिकृत विज्ञापन लगाने से शहर की सुंदरता प्रभावित होती है और नियमों का उल्लंघन होता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को अवैध विज्ञापन फलक लगाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने और विशेष अभियान लगातार जारी रखने के निर्देश दिए।
वायु प्रदूषण नियंत्रण के उपायों की भी समीक्षा
बैठक में मुंबई की वायु गुणवत्ता और बढ़ते प्रदूषण की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा की गई। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई), प्रदूषण नियंत्रण के लिए निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तथा उसके प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की गई।
आयुक्त ने संबंधित विभागों को प्रदूषण नियंत्रण के लिए निर्धारित नियमों का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
एक दिसंबर से बीएमसी में लागू होगी ई-ऑफिस प्रणाली
प्रशासनिक कामकाज को अधिक प्रभावी और डिजिटल बनाने के उद्देश्य से बीएमसी में 1 दिसंबर 2026 से ई-ऑफिस प्रणाली लागू करने की तैयारियों की भी बैठक में समीक्षा की गई। इस प्रणाली के माध्यम से महानगरपालिका के कार्यालयीन कामकाज और फाइलों की प्रक्रिया को डिजिटल स्वरूप देने की दिशा में कदम उठाया जाएगा। बैठक में अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (पश्चिम उपनगर) डॉ. विपिन शर्मा, अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (परियोजना) अभिजीत बांगर, अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (पूर्व उपनगर) डॉ. अविनाश ढाकणे, संयुक्त आयुक्त (सतर्कता) डॉ. एम. देवेंदर सिंह और उपायुक्त (आयुक्त कार्यालय) प्रशांत गायकवाड उपस्थित थे। इसके अलावा सभी संयुक्त आयुक्त, उपायुक्त, सहायक आयुक्त और विभिन्न विभागों के प्रमुख भी बैठक में शामिल हुए।
