
मुंबई। नागरिकों को अधिक सुलभ, तेज और पारदर्शी सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रशासनिक तंत्र में व्यापक बदलाव की आवश्यकता है। यह बात राज्य के मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल ने द्वितीय सेवा हक्क दिन के अवसर पर सह्याद्री अतिथिगृह में आयोजित कार्यक्रम में कही। मंगलवार को सामान्य प्रशासन विभाग और महाराष्ट्र राज्य सेवा हक्क आयोग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था, जिसकी अध्यक्षता आयोग के मुख्य आयुक्त मनु कुमार श्रीवास्तव ने की। मुख्य सचिव अग्रवाल ने कहा कि पासपोर्ट सेवा जैसी प्रभावी प्रणालियों से प्रेरणा लेते हुए राज्य सरकार विभिन्न विभागों के बीच डिजिटल समन्वय बढ़ाने पर काम कर रही है। एक ऐसी प्रणाली विकसित की जा रही है, जिसमें परिणाम घोषित होते ही संबंधित जानकारी स्वतः विभिन्न विभागों तक पहुंचकर कम समय में रिपोर्ट तैयार कर सके। उन्होंने जी2जी (Government to Government), जी2सी (Government to Citizen) और जी2बी (Government to Business) सेवाओं को सरल बनाने पर विशेष जोर देते हुए बताया कि पारंपरिक एजेंट आधारित व्यवस्था को बदलकर डिजिटल और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित प्रणाली की ओर तेजी से बढ़ा जा रहा है। “डिजी लॉकर” और “गोल्डन डेटा” की अवधारणा के माध्यम से प्रत्येक नागरिक का एकीकृत प्रोफाइल तैयार कर उसे आवश्यक सरकारी सेवाएं स्वतः उपलब्ध कराने की दिशा में काम चल रहा है। अग्रवाल ने भविष्य की झलक देते हुए कहा कि आने वाले समय में नागरिकों को अलग-अलग ऐप्स के इस्तेमाल की आवश्यकता नहीं होगी। एआई आधारित एजेंट्स नागरिकों की आवाज के आधार पर उनकी जरूरतों को समझकर संबंधित प्रक्रिया पूरी करेंगे और सीधे परिणाम उपलब्ध कराएंगे। इस दिशा में सरकार विभिन्न तकनीकी कंपनियों के साथ मिलकर काम कर रही है और आगामी महीनों में यह प्रणाली चरणबद्ध तरीके से लागू होने की उम्मीद है। कार्यक्रम के अध्यक्ष मनु कुमार श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि प्रशासन में नवाचार को संस्थागत रूप देना आवश्यक है। किसी एक जिले में सफल रहे उपक्रमों को पूरे राज्य में लागू किया जाना चाहिए। इसके लिए अधिकारियों को अपने नवाचारों का व्यवस्थित दस्तावेजीकरण कर आयोग को प्रस्तुत करना चाहिए, ताकि उन्हें व्यापक स्तर पर अपनाया जा सके। इस अवसर पर सेवा गुणवत्ता के आधार पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों और अधिकारियों को सम्मानित किया गया। छत्रपति संभाजीनगर जिले ने 91.41 प्रतिशत सेवाएं समय पर प्रदान कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। हिंगोली (90.60%), अहिल्यानगर (90.50%) और बीड (90.13%) जिलों ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। इसके अलावा, विभिन्न विभागों में नवाचार लागू करने वाले अधिकारियों को भी सम्मानित किया गया। इनमें डिजिटल ई-लॉक प्रणाली, जीआईएस आधारित ई-मोजणी, एआई आधारित नक्शा प्रक्रिया, मोबाइल ऐप और व्हाट्सएप चैटबॉट जैसे उपक्रम शामिल हैं, जिन्होंने सेवा वितरण को अधिक प्रभावी और नागरिक केंद्रित बनाया है। कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि तकनीक, पारदर्शिता और जवाबदेही के माध्यम से ही भविष्य की प्रशासनिक व्यवस्था अधिक मजबूत और नागरिक हितैषी बन सकती है।




