‘एक्स-रे चश्मा’, गड़ा खजाना और ‘पैसों की बारिश’ का झांसा देकर बुजुर्ग से ₹31 लाख की ठगी, दो गिरफ्तार

15 साल पुरानी पहचान का उठाया फायदा, दो चेक भी हुए बाउंस, मामला दर्ज होने के बाद फरार आरोपियों को कांदिवली पुलिस ने दबोचा

मुंबई। कांदिवली पुलिस ने दो ऐसे आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन पर 60 वर्षीय बुजुर्ग को ‘एक्स-रे चश्मा’, जमीन में गड़ा खजाना और ‘पैसों की बारिश’ जैसे दावे कर करीब ₹31 लाख की ठगी करने का आरोप है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भंवरलाल देवाराम पालीवाल और गौरीशंकर नारायणलालजी शर्मा के रूप में हुई है। गिरफ्तारी के बाद दोनों को बोरीवली कोर्ट में पेश किया गया।
पीड़ित कांदिवली इलाके में रहने वाला 60 वर्षीय सेवानिवृत्त निजी कंपनी कर्मचारी है और मूल रूप से राजस्थान का रहने वाला है। शिकायत के मुताबिक, पीड़ित भंवरलाल पालीवाल को करीब 15 वर्षों से जानता था, क्योंकि दोनों एक ही गांव के रहने वाले थे। करीब 10 साल पहले पालीवाल ने पीड़ित की मुलाकात गौरीशंकर शर्मा से कराई थी, जो उस समय जोगेश्वरी के प्रताप नगर में रहता था और मेडिकल की दुकान चलाता था। आरोप है कि शर्मा ने पीड़ित को बताया कि उसके पास एक खास ‘एक्स-रे चश्मा’ है, जिससे जमीन के नीचे दबी चीजों का पता लगाया जा सकता है। इस दावे पर भरोसा कर पीड़ित ने चश्मे के लिए ₹3 लाख दिए। शर्मा ने कथित तौर पर यह भी कहा कि बाद में इस चश्मे को अधिक कीमत पर बेचकर होने वाला मुनाफा आपस में बांटा जाएगा। हालांकि, एक महीने बाद भी पीड़ित को चश्मा नहीं मिला। इसके बाद शर्मा ने लोन चुकाने की जरूरत बताकर पीड़ित से कथित तौर पर ₹6 लाख और लिए, लेकिन तय समय पर रकम वापस नहीं की गई। शिकायत के मुताबिक, मार्च 2019 में पालीवाल और शर्मा ने पीड़ित को बताया कि उनके गांव में जमीन के नीचे लाखों रुपये का खजाना दबा हुआ है। आरोपियों ने दावा किया कि खजाने को खोजने और बाहर निकालने के लिए विशेष पूजा-पाठ करना होगा। इसके नाम पर पीड़ित से ₹6 लाख और लिए गए तथा खजाना मिलने पर उसमें हिस्सा देने का वादा किया गया। आरोप है कि न तो खजाना मिला और न ही रकम वापस की गई।
‘पैसों की बारिश’ का दिखाया सपना
अगस्त 2023 में ठगी का कथित सिलसिला और आगे बढ़ा। आरोप है कि पालीवाल ने पीड़ित से संपर्क कर दावा किया कि शर्मा उसके घर पर ‘पैसों की बारिश’ का इंतजाम कर सकता है और इससे मिलने वाली रकम से पीड़ित का कर्ज चुकाया जाएगा। इसके लिए कथित तौर पर ₹15 लाख की मांग की गई। पीड़ित को बताया गया कि पालघर में एक दुकान किराए पर ली जाएगी, जहां यह अनुष्ठान किया जाएगा। भरोसा दिलाने के लिए आरोपियों ने कथित तौर पर पीड़ित के साथ एक समझौता भी किया। इतना ही नहीं, बाद में पीड़ित को व्हाट्सऐप पर ऐसी तस्वीरें भेजी गईं, जिनमें जमीन पर रुपये बिखरे हुए दिखाई दे रहे थे और आरोपी उन्हें गिनते नजर आ रहे थे। लेकिन जब पीड़ित ने अपने पैसे और वादा किया गया हिस्सा मांगा तो आरोपियों ने कथित तौर पर जवाब देना बंद कर दिया। पुलिस में की गई शिकायत के अनुसार, मई 2018 से अप्रैल 2026 के बीच दोनों आरोपियों ने एक्स-रे चश्मा देने, गड़ा खजाना निकालने, विशेष अनुष्ठान कराने, ‘पैसों की बारिश’ करवाने और कर्ज चुकाने जैसे अलग-अलग बहानों से पीड़ित से करीब ₹31 लाख लिए। इसके बावजूद न तो मूल रकम वापस की गई और न ही किए गए वादे पूरे हुए।
पैसे मांगे तो दिए चेक, दोनों बाउंस
जब पीड़ित ने लगातार अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने कथित तौर पर ₹9.82 लाख और ₹15.50 लाख के दो चेक दिए। बैंक में जमा करने पर दोनों चेक बाउंस हो गए। इसके बाद पीड़ित ने कांदिवली पुलिस से संपर्क कर दोनों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत की जांच के बाद पुलिस ने अप्रैल 2026 में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया। मामला दर्ज होते ही दोनों आरोपी कथित तौर पर फरार हो गए। कांदिवली पुलिस ने उनकी तलाश के लिए विशेष अभियान शुरू किया और पिछले सप्ताह दोनों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर अलग-अलग झूठे वादों के जरिए शिकायतकर्ता से करीब ₹31 लाख लेने की बात स्वीकार की है। पुलिस अब मामले की आगे की जांच कर रही है।

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